सुशासन तिहार में बिजली विभाग पर बरसे ठाकुर रामचंद्राकर, लो वोल्टेज और कटौती पर दी चेतावनी

गुंडरदेही के राहुद में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष ठाकुर रामचंद्राकर ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों को मंच से फटकार लगाते हुए जल्द समाधान नहीं होने पर उच्च स्तरीय शिकायत की चेतावनी दी।

May 23, 2026 - 12:50
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सुशासन तिहार में बिजली विभाग पर बरसे ठाकुर रामचंद्राकर, लो वोल्टेज और कटौती पर दी चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद l बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र अंतर्गत राहुद में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब भाजपा जिला उपाध्यक्ष ठाकुर रामचंद्राकर ने मंच से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। कार्यक्रम में शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ वितरित किया जा रहा था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बनी हुई बिजली समस्या को लेकर रामचंद्राकर ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, पंचायत एवं अन्य विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आम लोगों की समस्याओं का निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और हितग्राही कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने लो वोल्टेज और अघोषित बिजली कटौती की समस्या को प्रमुखता से उठाया, जिस पर भाजपा नेता ठाकुर रामचंद्राकर ने मंच से ही अपनी नाराजगी व्यक्त की।

रामचंद्राकर ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार लगातार सुशासन और जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में काम कर रही है, लेकिन बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों की लापरवाही से ग्रामीण जनता परेशान हो रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि घरेलू उपभोक्ता भी घंटों बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं।

उन्होंने मंच से अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और लो वोल्टेज तथा अघोषित कटौती की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो मामले की उच्च स्तरीय शिकायत की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुशासन की सरकार में जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

रामचंद्राकर ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार ग्रामीणों से शिकायतें मिल रही हैं। कई बार मौखिक रूप से बिजली विभाग के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि धान की खेती वाले क्षेत्रों में सिंचाई कार्य बिजली पर निर्भर हैं और कम वोल्टेज के कारण मोटर पंप ठीक से नहीं चल पा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने भी बिजली व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना था कि गर्मी के मौसम में लगातार बिजली कटौती से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कई गांवों में रात के समय घंटों बिजली बंद रहने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सुशासन तिहार कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ हितग्राहियों को लाभ भी वितरित किया गया। हालांकि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों ने पूरे कार्यक्रम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मंच से हुई इस नाराजगी के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि विभागीय अधिकारी समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।