सुकमा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का सर्वे ठप, तकनीकी खामी से 66 बसाहटों का विकास अटका

सुकमा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 के तहत 66 बसाहटों का सड़क सर्वे केंद्र सरकार के अधिकृत ऐप में तकनीकी खराबी के कारण रुका हुआ है, जिससे सड़क निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

Jan 7, 2026 - 17:08
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सुकमा में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का सर्वे ठप, तकनीकी खामी से 66 बसाहटों का विकास अटका

UNITED NEWS OF ASIA. रीजेंट गिरी, बीजापुर | सुकमा (छत्तीसगढ़)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना सुकमा जिले में फिलहाल तकनीकी अड़चन की वजह से ठप पड़ गई है। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) फेज-4, बैच-2 के अंतर्गत शेष 66 बसाहटों का सर्वे कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे ग्रामीण विकास की प्रक्रिया बाधित हो रही है।

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत ग्राम सड़क सर्वे ऐप में बार-बार “सर्वर उपलब्ध नहीं” (Server Not Available) की तकनीकी त्रुटि सामने आ रही है। इस कारण सर्वे टीमों द्वारा एकत्रित किया गया डाटा सर्वर पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। नतीजतन, सर्वे प्रक्रिया अधूरी रह गई है और आगे की सड़क निर्माण योजना अटक गई है।

इस गंभीर समस्या को लेकर सांसद प्रतिनिधि अरुण सिंह भदौरिया ने बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि ऐप की तकनीकी खामी केवल सर्वे कार्य ही नहीं, बल्कि पूरी ग्रामीण विकास श्रृंखला को प्रभावित कर रही है

पत्र में यह भी रेखांकित किया गया है कि सुकमा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में सड़क निर्माण केवल बुनियादी सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास की रीढ़ है। केंद्र सरकार की मंशा है कि सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों को सड़क नेटवर्क से जोड़कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए, लेकिन तकनीकी बाधाएं जमीनी स्तर पर इस उद्देश्य में रोड़ा बन रही हैं।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सर्वे डाटा अपलोड न होने के कारण 66 बसाहटों में सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही, जिससे ग्रामीणों को अब भी कच्चे रास्तों और दुर्गम परिस्थितियों में आवागमन करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि सर्वे ऐप की तकनीकी समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि लंबित सर्वे पूरा हो सके और सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जा सके।

यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो सुकमा जिले की कई बसाहटें विकास की दौड़ में और पीछे छूट सकती हैं। यह मामला न केवल तकनीकी सुधार का है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को मजबूत करने का भी है