संत रविदास जयंती पर प्रदेशव्यापी कलश वंदन अभियान शुरू, मुख्यमंत्री ने की कई बड़ी घोषणाएं
रायपुर में संत रविदास की 650वीं जयंती पर प्रदेशस्तरीय कलश वंदन अभियान का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभियान की शुरुआत करते हुए संत रविदास जयंती पर सार्वजनिक अवकाश, मांस-मदिरा की दुकानें बंद रखने और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार शुरू करने सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर में संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर प्रदेशस्तरीय भव्य कलश वंदन अभियान का शुभारंभ किया गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए साधु-संत, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वाराणसी से लाई गई पवित्र मिट्टी और गंगाजल से युक्त कलशों का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन और वंदन किया गया। इसके बाद इन कलशों को प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचाने के अभियान की शुरुआत की गई। आयोजन का उद्देश्य संत रविदास के समरस समाज, सामाजिक सद्भाव, समानता और भाईचारे के संदेश को प्रदेश के गांव-गांव तक पहुंचाना है।
अभियान के लिए 36 विशेष रथ तैयार किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ के सभी संगठनात्मक जिलों का भ्रमण करेंगे। जिला स्तर पर कलशों का वितरण मंडल इकाइयों को किया जाएगा। इसके बाद प्रमुख गांवों में कलश पहुंचाकर पूजा-अर्चना के साथ मंदिरों में उनकी स्थापना की जाएगी, जिससे संत रविदास के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि अब से संत रविदास जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। साथ ही इस दिन प्रदेशभर में मांस और मदिरा की दुकानें बंद रखने का निर्णय भी लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने संत रविदास के सम्मान में राज्य स्तर पर एक नया अलंकरण पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की। इसके अलावा नया रायपुर के एक प्रमुख चौक का नाम संत रविदास चौक रखने तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में संत रविदास के संदेश को अंकित कराने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास ने समाज को समानता, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और भेदभाव मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से संत रविदास के आदर्शों को अपनाकर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने और उनके समरस समाज के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। प्रदेश सरकार का मानना है कि यह अभियान सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और संत रविदास के विचारों के व्यापक प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।