मोहला में अवैध प्लाटिंग का बड़ा खुलासा, प्रशासन की नाक के नीचे बसने लगी कॉलोनी

मोहला के चिलमटोला में कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी बसाने का मामला सामने आया है। खबर के बाद राजस्व विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मामले में उप पंजीयक, तहसीलदार, पटवारी और अन्य विभागों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।

Aug 5, 2026 - 12:03
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मोहला में अवैध प्लाटिंग का बड़ा खुलासा, प्रशासन की नाक के नीचे बसने लगी कॉलोनी

UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l जिला मुख्यालय मोहला के समीप स्थित ग्राम चिलमटोला में कृषि भूमि पर कथित अवैध प्लाटिंग और कॉलोनी विकसित किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। मामले के सार्वजनिक होने के बाद राजस्व विभाग ने संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है और उप पंजीयक कार्यालय तथा संबंधित पटवारी से जानकारी जुटाई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, चिलमटोला क्षेत्र में कृषि भूमि को कथित रूप से छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर आवासीय प्लॉट के रूप में बेचा गया। आरोप है कि इन प्लॉटों पर अब मकानों और व्यावसायिक निर्माण का कार्य भी शुरू हो चुका है, जिससे क्षेत्र में एक नई कॉलोनी आकार ले रही है।

मामले में यह भी आरोप लगाए गए हैं कि प्लॉटों का पंजीयन अलग-अलग हिस्सों में किया गया, नामांतरण की प्रक्रिया पूरी हुई और राजस्व रिकॉर्ड में नक्शा भी तैयार किया गया। इन आरोपों के चलते उप पंजीयक, तहसीलदार और संबंधित पटवारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इस संबंध में किसी भी अधिकारी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया या दोष सिद्ध होने की पुष्टि नहीं हुई है।

ग्राम पंचायत मोहला के अनुसार, संबंधित भूमि पर किसी प्रकार की कॉलोनी विकसित करने अथवा निर्माण कार्य के लिए पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी नहीं किया गया। पंचायत का कहना है कि बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य किए जाने से स्थानीय निकाय को राजस्व का नुकसान हो सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर यहां प्लॉट खरीद चुके हैं और मकान निर्माण में जुटे हुए हैं। यदि जांच में प्लाटिंग अवैध पाई जाती है तो ऐसे खरीदारों के सामने भी कानूनी और आर्थिक परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।

मामले में बिजली विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि जिस क्षेत्र में कथित अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है, वहां बिजली की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। भूमि के पंजीयन, नामांतरण, नक्शा स्वीकृति तथा अन्य दस्तावेजों की पड़ताल के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भूमि विकास और प्लाटिंग की प्रक्रिया वैधानिक नियमों के अनुरूप हुई या नहीं तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित व्यक्तियों और अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।