राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन में फोस्टर केयर को नई दिशा

महिला एवं बाल विकास विभाग और यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन में फोस्टर केयर की भूमिका और महत्व पर जोर दिया गया। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि Foster का वास्तविक अर्थ श्रीकृष्ण की यशोदा मैया बनना है। सम्मेलन में बच्चों, पोषक परिवारों और काउंसलर्स के अनुभव साझा किए गए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।

Nov 20, 2025 - 11:44
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राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन में फोस्टर केयर को नई दिशा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर । महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से “उमंग (Foster Care) – पोषण एवं देखरेख कार्यक्रम” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्य स्तरीय पोषक परिवार सम्मेलन का आयोजन राजधानी के कोर्टयार्ड मैरियट होटल में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में फोस्टर केयर व्यवस्था को मजबूत करना, पोषक परिवारों की भूमिका को सम्मानित करना तथा बच्चों के संपूर्ण विकास हेतु संवेदनशील और सुरक्षित वातावरण को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी रजवाड़े और बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा उपस्थित रहीं। डॉ. वर्णिका शर्मा ने उद्बोधन में कहा कि “Foster का वास्तविक अर्थ है श्रीकृष्ण की यशोदा मैया बनना। यह केवल Foster Care के साथ After Care तक बच्चे की सुरक्षा, मार्गदर्शन और भावनात्मक पोषण की जिम्मेदारी का संवेदनशील निर्वाह है। फोस्टर माता-पिता न केवल बच्चे को घर देते हैं, बल्कि उसे एक परिवार, पहचान और भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह सेवा समाज के लिए एक उच्चतम मानवीय योगदान है।”

सम्मेलन में विभिन्न जिलों से आए फोस्टर बच्चों, पोषक माता-पिता और काउंसलर्स ने अपने अनुभव साझा किए। कई बच्चों ने बताया कि फोस्टर परिवार के स्नेहपूर्ण सहयोग ने उनकी शिक्षा, मानसिक विकास और आत्मविश्वास को नई दिशा दी। इन अनुभवों ने सभागार को भावुक और प्रेरित दोनों किया।

फोस्टर केयर व्यवस्था को सफलतापूर्वक लागू करने हेतु सरगुजा, जांजगीर, रायपुर, जशपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और रायगढ़ जिलों की DCPO टीमों को सम्मानित किया गया। साथ ही बेस्ट परफॉर्मर अवार्ड और कम्युनिटी प्लेसमेंट अवार्ड अंबिकापुर के  उमाशंकर को उनके उत्कृष्ट कार्य और समर्पण के लिए प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव एल्मा, यूनिसेफ की वरिष्ठ प्रतिनिधि  चेतना देसाई एवं सु वसुंधरा,  पादुम सेन और उपसंचालक महिला एवं बाल विकास विभाग उपस्थित थे। सभी ने फोस्टर केयर को समुदाय-आधारित बाल संरक्षण व्यवस्था का सबसे संवेदनशील और प्रभावी माध्यम बताया।