फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट मामलों की जांच के लिए बनेगा विशेष मेडिकल बोर्ड, त्वरित रिपोर्ट पर जोर
रायपुर में समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त बैठक में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों की त्वरित जांच के लिए राज्य एवं संभागीय मेडिकल बोर्ड की प्रक्रिया तय करने पर चर्चा हुई। बैठक में 186 शासकीय कर्मचारियों से जुड़े प्रकरणों की जांच, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया आसान बनाने, विशेष मेडिकल बोर्ड एवं शिविर आयोजित करने, उभयलिंगी समुदाय के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने और नशामुक्ति केंद्रों को मजबूत करने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l दिव्यांगजनों, उभयलिंगी समुदाय तथा अन्य अंतर्विभागीय विषयों से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर में समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों की जांच के साथ दिव्यांगजनों को प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाने सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों से संबंधित मामलों की जांच पर विशेष चर्चा हुई। सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इन प्रकरणों की जांच राज्य मेडिकल बोर्ड अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराए जाने पर विचार किया गया। संबंधित व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने और निर्धारित समय पर दिव्यांगता की भौतिक जांच कराने की प्रक्रिया को भी व्यवस्थित करने पर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बताया कि फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों की जांच के लिए राज्य मेडिकल एवं संभागीय मेडिकल बोर्ड में परीक्षण की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। जांच प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने पर भी चर्चा हुई। मेडिकल बोर्ड में विषय विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल बोर्ड और दिव्यांगता परीक्षण शिविर आयोजित करने की आवश्यकता बताई गई। पात्र दिव्यांगजनों को निर्धारित समय सीमा में प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार अस्थायी और स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी होने पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में उभयलिंगी समुदाय के कल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। पात्र हितग्राहियों को सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी संबंधी सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने तथा सहायता अनुदान के दिशा-निर्देशों में आवश्यक सर्जरी को शामिल करने पर विचार किया गया। सहायता की निर्धारित दरों में वर्तमान बाजार दर के अनुरूप संशोधन की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। शासकीय अस्पतालों में उभयलिंगी व्यक्तियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पृथक ट्रांसजेंडर क्लीनिक या वार्ड की व्यवस्था पर भी विचार किया गया।
बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुरूप नशामुक्ति केंद्रों के पंजीयन और मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबंधित प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन केंद्रों में उपचाररत व्यक्तियों को दी जा रही दवाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा नशामुक्ति केंद्रों के विस्तार और बेहतर संचालन पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, भिक्षुक, उभयलिंगी और नशा पीड़ित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं संस्थागत संरक्षण के लिए संचालित शासकीय और अनुदान प्राप्त संस्थाओं में निवासरत हितग्राहियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक संजीव झा, समाज कल्याण विभाग के संचालक रणवीर शर्मा सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।