सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 के तहत शंकर नगर मंडल में ओंकार मंत्र जाप एवं पूजा-अर्चना सम्पन्न

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 के अवसर पर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शंकर नगर मंडल अंतर्गत गुरु गोविन्द सिंह वार्ड-29 स्थित शिव मंदिर में ओंकार मंत्र जाप एवं विधिवत पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, महिला मोर्चा की पदाधिकारी और वार्ड के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर सनातन संस्कृति और संगठनात्मक एकता का संदेश दिया।

Jan 11, 2026 - 15:29
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सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 के तहत शंकर नगर मंडल में ओंकार मंत्र जाप एवं पूजा-अर्चना सम्पन्न

UNITED NEWS OF ASIA.हसिब अख्तर,रायपुर | सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026 के पावन अवसर पर प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर रायपुर के शंकर नगर मंडल अंतर्गत गुरु गोविन्द सिंह वार्ड क्रमांक 29, पंडरी कांचघर स्थित शिव मंदिर में ओंकार मंत्र जाप एवं विधिवत पूजा-अर्चना का आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन सनातन संस्कृति, आत्मगौरव और संगठनात्मक एकता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।

कार्यक्रम की शुरुआत ओंकार मंत्र जाप के साथ की गई, जिसके पश्चात भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। उपस्थित जनसमूह ने शिव आराधना के माध्यम से देश, प्रदेश और समाज की सुख-शांति, समृद्धि और एकता की कामना की। पूरे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण और भक्तिमय ऊर्जा का अनुभव किया गया।

इस अवसर पर भाजपा शंकर नगर मंडल के उपाध्यक्ष  आकाश तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। महिला मोर्चा की अध्यक्षा  मीना सेन, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष गायत्री चंद्राकर ने भी आयोजन में सहभागिता करते हुए सनातन परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक समरसता पर अपने विचार साझा किए। संगठनात्मक गतिविधियों को सशक्त करने की दिशा में सह सोशल मीडिया प्रभारी  सूरज यादव एवं शिव दीप की सक्रिय भूमिका रही।

कार्यक्रम में  संजू गेन्द्रे,  मेहुल कुमार बेहरा, तुलेश यादव,  अमन बेहरा,  रिजवान खान सहित मंडल के अन्य कार्यकर्ता एवं वार्ड के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को आत्मसात करने और समाज में सकारात्मक चेतना फैलाने का संकल्प लिया।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि संगठन के भीतर एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करने का माध्यम सिद्ध हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने इस आयोजन को प्रेरणादायी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक प्रार्थना के साथ हुआ, जिसमें राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संकल्प दोहराया गया।