सिंगरौली: कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक, समय-सीमा में प्रकरण निपटाने के निर्देश

सिंगरौली जिले में कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण सहित सभी राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन, साइबर तहसील और पीएम किसान से जुड़े लंबित मामलों पर विशेष जोर दिया गया।

Jan 2, 2026 - 17:43
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सिंगरौली: कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक, समय-सीमा में प्रकरण निपटाने के निर्देश

  UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी,  सिंगरौली | सिंगरौली जिले में राजस्व कार्यों की प्रगति और लंबित प्रकरणों के निराकरण को लेकर कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में संचालित सभी राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करना था।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने सीमांकन, बंटवारा, नामांतरण सहित सभी प्रकार के राजस्व मामलों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आम नागरिकों से जुड़े राजस्व प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।

कलेक्टर गौरव बैनल ने निर्देश दिए कि अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) अपने-अपने अनुविभागों में साप्ताहिक रूप से राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करें। इसके साथ ही तहसील स्तर पर तहसील कोर्टों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि 50 दिवस एवं 100 दिवस से अधिक लंबित मामलों के निराकरण के लिए तहसील स्तर पर विशेष राजस्व शिविरों का आयोजन किया जाए, जिससे पुराने प्रकरणों का शीघ्र समाधान हो सके।

बैठक में कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि न्यायालयों में नियमित सुनवाई सुनिश्चित की जाए और पारित आदेशों के पालन की समय-समय पर जांच की जाए। जिन मामलों में अनावश्यक देरी पाई जाएगी, वहां संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग आम जनता का सीधा सरोकार वाला विभाग है, इसलिए यहां पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी बेहद आवश्यक है।

इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, साइबर तहसील, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, फार्मर रजिस्ट्री एवं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी योजनाओं और सेवाओं से जुड़े मामलों का शीघ्र और प्रभावी निराकरण किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल सके।

बैठक में यह भी कहा गया कि जन शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, जिससे आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हो। कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों से समन्वय और सक्रियता के साथ कार्य करने की अपील की।

इस समीक्षा बैठक में अपर कलेक्टर, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने कार्यक्षेत्र में पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए जिले की राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।