हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर शिवसेना छत्तीसगढ़ का दिल्ली में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

शिवसेना छत्तीसगढ़ द्वारा हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर 17 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार पाँच वर्षों से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है।

Dec 18, 2025 - 13:17
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हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर शिवसेना छत्तीसगढ़ का दिल्ली में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

 UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह,रायपुर |  शिवसेना छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर 17 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना जंतर-मंतर पर संपन्न हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों से आए शिवसेना पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का नेतृत्व शिवसेना छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रमुख  धनंजय सिंह परिहार ने किया।

प्रदेश महासचिव श्री संजय नाग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आंदोलन पिछले पाँच वर्षों से लगातार किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष एक बार दिल्ली में धरना प्रदर्शन कर माननीय प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाता है। इस वर्ष भी धरना प्रदर्शन के उपरांत प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत कर हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग रखी गई।

धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश की बड़ी आबादी हिंदू समाज से जुड़ी हुई है और लंबे समय से हिंदू राष्ट्र की मांग उठती रही है। शिवसेना छत्तीसगढ़ का मानना है कि यह मांग जनभावनाओं से जुड़ी है और इसे गंभीरता से सुना जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रतिवर्ष धरना प्रदर्शन किया जा रहा है, ताकि अपनी बात केंद्र सरकार तक पहुंचाई जा सके।

धरना स्थल जंतर-मंतर पर प्रदेश प्रमुख धनंजय सिंह परिहार के साथ-साथ मधुकर पांडे, रेशम जांगड़े, संजय नाग, सुनील झा, एच.एन. सिंह पालीवार, राकेश श्रीवास्तव, कमलाकर यादव, सुराज साहू, शिवराम केशरवानी, राजेश थावरे, दिनेश तामरकर, ईश्वर निषाद, दिलेश्वर विश्वकर्मा, अजय बंजारे, सम्राट सिंह, सनत पटेल, शोभा शंकर त्रिपाठी, रोहित साहू सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि संवैधानिक दायरे में रहते हुए अपनी विचारधारा और मांगों को सरकार के समक्ष रखना है। धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और इसमें शामिल कार्यकर्ताओं ने संगठनात्मक अनुशासन का पालन किया।

शिवसेना छत्तीसगढ़ ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे और देश की राजधानी में प्रतिवर्ष इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।