UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l छोटेडोंगर क्षेत्र में स्कूलों से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 08 छोटेडोंगर के अंतर्गत ग्राम पंचायत रायनार में जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने विभिन्न शासकीय स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उच्च प्राथमिक शाला नुलवट्टी, प्राथमिक शाला झोरी, प्राथमिक शाला रायनार और आंगनबाड़ी झोरी का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आई व्यवस्थाओं को लेकर जिला पंचायत सदस्य ने चिंता जताई और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नुलवट्टी के उच्च प्राथमिक विद्यालय में प्राथमिक स्तर के बच्चे भी अध्ययन करते पाए गए। विद्यालयों में उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं की स्थिति को लेकर भी कई सवाल सामने आए। जिला पंचायत सदस्य राकेश उसेंडी ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। स्कूलों में जरूरी संसाधनों और सुविधाओं की कमी का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ सकता है, इसलिए इन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना जरूरी है।
निरीक्षण के दौरान झोरी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति भी चिंताजनक पाई गई। आंगनबाड़ी के लिए उचित भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण छोटे बच्चों को झोपड़ीनुमा स्थान में बैठना पड़ रहा है। ऐसे वातावरण में बच्चों की सुरक्षा के साथ उनकी शिक्षा और पोषण संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर भी चिंता स्वाभाविक है। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र केवल बैठने की जगह नहीं, बल्कि प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए आंगनबाड़ी के लिए उचित भवन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद आवश्यक है।
राकेश उसेंडी ने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर DMF और CSR मद के उपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रायनार क्षेत्र निको माइंस के गोद ग्रामों में शामिल होने के बावजूद यहां अपेक्षित विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं। यदि DMF और CSR मद का प्रभावी तरीके से उपयोग किया जाए तो क्षेत्र के बच्चों के लिए बेहतर स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की कि रायनार क्षेत्र के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की समस्याओं का तत्काल संज्ञान लिया जाए। विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ झोरी में आंगनबाड़ी के लिए उचित भवन निर्माण कराया जाए। साथ ही DMF और CSR मद से आवश्यक विकास कार्यों को स्वीकृति देकर जल्द पूरा कराया जाए।
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि क्षेत्र की जनता और जनप्रतिनिधि अब इन समस्याओं को लेकर गंभीर हैं। यदि जल्द ही शिक्षा, आंगनबाड़ी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।