ढोंगी बाबा अमनदत्त के खिलाफ संत समाज का मोर्चा, ट्रस्ट बंद करने और यूट्यूब चैनल ब्लॉक करने की मांग
रायपुर संत समाज ने कुशालपुर निवासी अमनदत्त ठाकुर पर सनातन धर्म के नाम पर अंधविश्वास और ठगी फैलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। संतों ने ट्रस्ट बंद करने, यूट्यूब चैनल ब्लॉक करने और निष्कासन की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। संत समाज रायपुर ने सनातन धर्म के नाम पर कथित रूप से ढोंग और अंधविश्वास फैलाने वाले कुशालपुर निवासी अमनदत्त ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संत समाज ने अमनदत्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन से उसके ट्रस्ट को बंद करने और उसके यूट्यूब चैनल ‘आध्यात्मिक विरासत’ को ब्लॉक करने की मांग की।
संत समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने वृंदावन स्थित श्री मलूकपीठ के पीठाधीश्वर से भेंट कर अमनदत्त द्वारा किए जा रहे कथित धर्म विरोधी, अंधविश्वास फैलाने वाले और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े कार्यों की जानकारी दी है। साथ ही संत समाज ने मलूकपीठ से अमनदत्त के निष्कासन की मांग भी की है।
संतों का आरोप है कि अमनदत्त ने संत का वेष धारण कर मार्च 2024 में मलूकपीठ से गुरुदीक्षा ली, जबकि इससे पहले पांच वर्षों से वह प्रदेशभर में घूम-घूमकर स्वयं को गुरु बताकर दीक्षा देता रहा। आरोप है कि सितंबर 2024 में उसे विरक्त दीक्षा दी गई और जनवरी 2025 के महाकुंभ प्रयागराज में उसे जगतगुरु एवं मठाधीश की उपाधि प्रदान कर दी गई, जिसके बाद उसने कथित रूप से फर्जी गौशाला और धार्मिक आयोजनों के नाम पर लाखों रुपये की चंदा उगाही की।
संत समाज का दावा है कि सूचना का अधिकार, पुलिस विभाग धमतरी और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के माध्यम से कई अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि अमनदत्त रायपुर छोड़कर वृंदावन और ओरछा की ओर चला गया है।
संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि मलूकपीठ द्वारा अमनदत्त का निष्कासन नहीं किया गया, तो पूरे छत्तीसगढ़ में प्रदेश स्तरीय आंदोलन चलाकर आम जनता को जागरूक किया जाएगा। संतों का कहना है कि ऐसे छद्मवेषधारी लोग साधु-संतों की परंपरा को बदनाम कर रहे हैं।
इस संबंध में छत्तीसगढ़ संत समुदाय ने पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात कर उत्तराखंड सरकार के “ऑपरेशन कालनेमी” की तर्ज पर राज्य में फर्जी साधु-संतों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
संत समाज ने अमनदत्त पर गर्भ पूर्व लिंग परीक्षण का दावा करने, महिलाओं को डराने, फर्जी गौशाला संचालन, आर्थिक ठगी, मानसिक उत्पीड़न, अनुचित आचरण और धार्मिक मंचों से अन्य संतों पर टिप्पणी करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं। संत समाज ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।