अनुसूचित जनजाति आयोग के नए अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी का केशकाल में भव्य स्वागत — विधायक नीलकंठ टेकाम और भाजपा कार्यकर्ता रहे उपस्थित

छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के नव नियुक्त अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी का केशकाल में विधायक नीलकंठ टेकाम और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। बस्तर के वरिष्ठ जनजातीय नेता मंडावी की नियुक्ति को आदिवासी समाज के लिए सशक्तिकरण का प्रतीक माना जा रहा है।

Nov 11, 2025 - 20:29
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अनुसूचित जनजाति आयोग के नए अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी का केशकाल में भव्य स्वागत — विधायक नीलकंठ टेकाम और भाजपा कार्यकर्ता रहे उपस्थित

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, केशकाल | छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष पद पर बस्तर के वरिष्ठ भाजपा नेता रूपसिंह मंडावी की नियुक्ति के बाद मंगलवार को उनके प्रथम केशकाल आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम का आयोजन केशकाल नगर के पंचवटी परिसर में किया गया, जहां विधायक नीलकंठ टेकाम की उपस्थिति में उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सेवकराम नेताम, महामंत्री आकाश मेहता, शंकर मरकाम, योगेश पांडे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

रूपसिंह मंडावी लंबे समय से बस्तर क्षेत्र के जनजातीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे आदिवासी समाज के उत्थान, शिक्षा, अधिकारों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय के लिए लगातार संघर्ष करते आए हैं। भाजपा सरकार बनने के बाद से ही उनके नाम की चर्चा इस संवैधानिक पद के लिए चल रही थी, और अब उनकी नियुक्ति से जनजातीय समाज में उत्साह और विश्वास का माहौल बना है।

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा, शिकायतों का निवारण तथा सरकार को नीतिगत सुझाव देना है। इसके अतिरिक्त आयोग राज्य में जनजातीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।

विधायक नीलकंठ टेकाम ने इस अवसर पर कहा कि “बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल क्षेत्र से आने वाले अनुभवी नेता रूपसिंह मंडावी की नियुक्ति से राज्य में विश्वास और विकास दोनों को नई दिशा मिलेगी। उनकी सोच और अनुभव से आयोग की कार्यप्रणाली को मजबूती मिलेगी।”

भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे आदिवासी समाज के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि मंडावी की अगुवाई में अनुसूचित जनजाति आयोग आदिवासी समुदाय की समस्याओं के समाधान और अधिकारों की रक्षा में नई ऊर्जा के साथ कार्य करेगा।

केशकाल में हुए इस स्वागत समारोह ने क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक रूप से उत्साह का वातावरण बना दिया।