अब आम नागरिक भी रोक सकते हैं बीमारी का प्रकोप, IHIP पोर्टल पर संदिग्ध मामलों की सूचना देकर बनें स्वास्थ्य सुरक्षा के भागीदार
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर सामुदायिक आधारित रोग निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई है। अब कोई भी नागरिक अपने क्षेत्र में एक जैसी बीमारी के दो या अधिक संदिग्ध मामलों की सूचना सीधे पोर्टल पर दर्ज कर सकता है, जिससे स्वास्थ्य विभाग समय पर जांच कर आवश्यक नियंत्रण उपाय शुरू कर सके।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l देश में संक्रामक बीमारियों की समय रहते पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण के लिए अब आम नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी जा रही है। यदि किसी गांव, मोहल्ले या बस्ती में अचानक एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले सामने आते हैं, तो इसे संभावित रोग प्रकोप (आउटब्रेक) का संकेत माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में अब नागरिक सीधे भारत सरकार के इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) पर इसकी सूचना दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के अंतर्गत सामुदायिक आधारित रोग निगरानी (Community Based Surveillance) की सुविधा शुरू की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना और बीमारी के संभावित प्रकोप की समय रहते पहचान सुनिश्चित करना है। इससे स्वास्थ्य विभाग को शुरुआती स्तर पर ही जानकारी मिल जाती है, जिससे आवश्यक जांच और नियंत्रण की कार्रवाई तुरंत शुरू की जा सकती है।
IHIP पोर्टल पर सूचना दर्ज करने की प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है। सूचना देने वाले व्यक्ति को अपना नाम, मोबाइल नंबर, आयु, लिंग, पता और व्यवसाय जैसी सामान्य जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके साथ घटना की तिथि, स्थान और बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संक्षिप्त विवरण भी भरना आवश्यक होता है। यदि घटना से संबंधित कोई फोटो या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हों, तो उन्हें भी पोर्टल पर अपलोड किया जा सकता है। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन पूरा होने पर सूचना सीधे संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों तक पहुंच जाती है।
सूचना प्राप्त होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आवश्यकतानुसार संबंधित क्षेत्र में जांच, सैंपल संग्रह, मरीजों की पहचान और उपचार की प्रक्रिया शुरू करते हैं। जरूरत पड़ने पर अधिकारी सूचना देने वाले व्यक्ति से अतिरिक्त जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी संभावित बीमारी के फैलाव को शुरुआती चरण में ही रोकना और उसे बड़े प्रकोप या महामारी का रूप लेने से पहले नियंत्रित करना है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रामक रोगों के नियंत्रण में समय पर मिली सूचना सबसे प्रभावी हथियार होती है। यदि शुरुआती स्तर पर बीमारी की जानकारी मिल जाए, तो स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्र में तत्काल आवश्यक कदम उठाकर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ सकता है। यही कारण है कि सामुदायिक निगरानी को आधुनिक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सत्य, तथ्यात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण जानकारी ही पोर्टल पर दर्ज करें। किसी भी प्रकार की अफवाह, अपुष्ट सूचना या भ्रामक जानकारी देने से बचें, ताकि स्वास्थ्य तंत्र वास्तविक घटनाओं पर तेजी और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सके।
यदि आपके आसपास किसी गांव, मोहल्ले या बस्ती में अचानक एक जैसी बीमारी के दो या अधिक मामले दिखाई दें, तो उसकी सूचना IHIP पोर्टल पर अवश्य दर्ज करें। आपकी एक समय पर दी गई सूचना कई लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकती है, संभावित महामारी को फैलने से रोक सकती है और पूरे समुदाय को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।