मरवाही वनमंडल में तीन जंगली हाथियों की दस्तक, फसल और मकानों को पहुंचाया नुकसान, ग्रामीणों में दहशत
मरवाही वनमंडल में तीन जंगली हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में भय का माहौल है। हाथियों ने घुसरिया जंगल के आसपास के गांवों में कच्चे मकानों और खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. मरवाही वनमंडल में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में तीन जंगली हाथियों की सक्रिय मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों का दल लगातार जंगलों और आसपास के ग्रामीण इलाकों में विचरण कर रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा और खेती-किसानी पर संकट गहराता जा रहा है। बीती रात हाथियों ने कई गांवों में जमकर उत्पात मचाते हुए कच्चे मकानों और खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार, तीनों हाथियों की गतिविधियां मरवाही वनमंडल के घुसरिया जंगल के आसपास दर्ज की गई हैं। रात के समय भोजन की तलाश में हाथियों का दल गांवों की ओर पहुंच गया, जहां उन्होंने कई कच्चे मकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा खेतों में तैयार खड़ी फसलों को भी रौंद दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों में चिंता और निराशा का माहौल है।
हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीण पूरी रात जागकर अपने परिवार और संपत्ति की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने मशाल जलाकर, ढोल-नगाड़े बजाकर और शोर मचाकर हाथियों को आबादी से दूर भगाने का प्रयास किया। हालांकि हाथियों की आवाजाही लगातार बनी रहने से लोगों में भय का वातावरण कायम है। कई परिवार रातभर घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के लगातार गांवों की ओर आने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खेती-किसानी पर निर्भर परिवारों को फसल नुकसान के साथ-साथ मकानों की क्षति का भी सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने वन विभाग से हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर वापस भेजने और प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
इधर वन विभाग का अमला पूरी तरह सतर्क है। विभाग के कर्मचारी हाथियों की गतिविधियों और लोकेशन पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, रात के समय अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने तथा किसी भी गतिविधि की तत्काल सूचना वन विभाग को देने की सलाह दी जा रही है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार हाथियों के प्राकृतिक आवास में बदलाव, भोजन और पानी की तलाश जैसी परिस्थितियों के कारण वे अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में ग्रामीणों और वन विभाग के बीच समन्वय बेहद आवश्यक होता है, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मरवाही वनमंडल में हाथियों की लगातार गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। विभाग का प्रयास है कि हाथियों को बिना किसी नुकसान के वापस जंगल की ओर भेजा जाए और प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ-साथ नुकसान का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से अफवाहों से बचते हुए वन विभाग के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।