सुखराम नागे महाविद्यालय को मिला अतिरिक्त कक्ष भवन, मंत्री टंक राम वर्मा ने किया लोकार्पण
धमतरी जिले के नगरी स्थित शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से बने अतिरिक्त कक्ष भवन का लोकार्पण उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं तथा महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘श्रेष्ठांश’ का विमोचन भी किया।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l नगरी क्षेत्र में उच्च शिक्षा की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने शासकीय सुखराम नागे महाविद्यालय, नगरी में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया और शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को भी बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का सुदृढ़ीकरण विकसित और आत्मनिर्भर समाज की आधारशिला है।
उन्होंने बताया कि नए अतिरिक्त कक्ष भवन के निर्माण से विद्यार्थियों को अध्ययन, सेमिनार, कार्यशालाओं, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने के लिए अधिक अनुकूल वातावरण मिलेगा।
टंक राम वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के छात्र ही भविष्य के जिम्मेदार नागरिक हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम और नवाचार की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर मेहनत, सकारात्मक सोच तथा सीखने की इच्छा ही व्यक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती है।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प भी ले। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग इस दिशा में योगदान देंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय की वार्षिक साहित्यिक एवं शैक्षणिक पत्रिका ‘श्रेष्ठांश’ का भी विमोचन किया गया। मंत्री ने विद्यार्थियों को साहित्य, शोध और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसी पत्रिकाएं विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच प्रदान करती हैं और उनकी सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, जनपद पंचायत नगरी के अध्यक्ष महेश गोटा, पूर्व विधायक पिंकी ध्रुव, श्रवण मरकाम, प्रकाश बैस सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में अधिकारी-कर्मचारी, प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शिक्षा के विकास, पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।