जल संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, जोन क्रमांक 9 कार्यालय का घेराव
रायपुर के जोन क्रमांक 9 में बढ़ते जल संकट को लेकर कांग्रेसजनों और स्थानीय नागरिकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम कार्यालय का घेराव किया। लोगों ने पानी की समस्या का तत्काल समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के नगर निगम जोन क्रमांक 9 अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में गहराते जल संकट को लेकर जनाक्रोश खुलकर सामने आया। पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे सैकड़ों महिला-पुरुषों और कांग्रेसजनों ने तपती धूप में नगर निगम के जोन कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल संकट के तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व रायपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने किया। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है, शहर के कई इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है। लोगों के घरों में कई दिनों से पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं और समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
मेनन ने यह भी कहा कि पानी की कमी का फायदा उठाकर टैंकर संचालक मनमानी कर रहे हैं और मनमर्जी के दाम वसूल रहे हैं। इससे पहले से ही परेशान आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने नगर निगम से मांग की कि जल आपूर्ति व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और टैंकर व्यवस्था को नियंत्रित किया जाए।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री पंकज शर्मा ने बताया कि चंडी नगर, गणेश नगर, डबरीपारा और मोवा जैसे क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। नगर निगम के नलों के माध्यम से पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, वहीं सार्वजनिक नलों में भी पानी आना बंद हो गया है। बस्तियों में जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों के बीच पानी के लिए संघर्ष की स्थिति बन रही है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पानी की समस्या के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। घरों में पीने और उपयोग के लिए पानी उपलब्ध नहीं होने से लोग परेशान हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन और नगर निगम को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही जल संकट को दूर करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब असहनीय हो चुकी है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
धरना-प्रदर्शन में हेमंत पटेल, गावेश साहू, गयाप्रसाद महानंद, सुरेंद्र तिवारी, मनोज वर्मा, जहीर खान, लक्ष्मण सेन, हेमंत पाल, छोटे हेमंत पटेल, नरेश ध्रुव, दीपेश नेताम, पप्पू बंदे, पूर्णिमा साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि यदि समय रहते जल संकट का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।