रायपुर रेलवे स्टेशन के सिद्ध हनुमान मंदिर में 2009 से जारी कुबेर राठी का महाभंडारा, सेवा का संकल्प आज भी अनवरत

रायपुर रेलवे स्टेशन परिसर स्थित श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर में कुबेर राठी की ओर से वर्ष 2009 से शनिवार महाभंडारे का आयोजन लगातार किया जा रहा है। सेवा के 17वें वर्ष में भी श्रद्धालुओं, यात्रियों और जरूरतमंदों को महाप्रसाद वितरित किया गया। कुबेर राठी ने इसे भगवान हनुमान की कृपा और अपना सौभाग्य बताया।

Sep 2, 2026 - 17:21
Sep 2, 2026 - 17:25
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रायपुर रेलवे स्टेशन के सिद्ध हनुमान मंदिर में 2009 से जारी कुबेर राठी का महाभंडारा, सेवा का संकल्प आज भी अनवरत

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन परिसर स्थित श्री सर्व धर्म संकट मोचन हनुमान मंदिर लंबे समय से श्रद्धालुओं और राहगीरों के लिए आस्था के साथ सेवा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इसी मंदिर परिसर में श्री सर्व धर्म संकट हनुमान मंदिर सेवा समिति के संस्थापक और समाजसेवी कुबेर राठी की ओर से वर्ष 2009 से प्रत्येक शनिवार महाभंडारे का आयोजन लगातार किया जा रहा है। सेवा का यह संकल्प अब अपने 17वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। शनिवार को भी मंदिर परिसर में श्रद्धा और सेवा भाव के साथ महाभंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में यात्रियों, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।

महाभंडारे की खासियत यह है कि मौसम की परिस्थितियां कैसी भी हों, सेवा का यह क्रम लगातार जारी रखने का प्रयास किया जाता है। गर्मी, बारिश और ठंड के बीच भी शनिवार को मंदिर परिसर में महाप्रसाद वितरण किया जाता है। दोपहर से शुरू होने वाला यह आयोजन देर रात तक चलता है। रेलवे स्टेशन परिसर में होने के कारण यहां आने-जाने वाले यात्रियों के साथ स्थानीय नागरिक, रिक्शा चालक और दूर-दराज से पहुंचने वाले श्रद्धालु भी महाप्रसाद ग्रहण करते हैं। आयोजन के दौरान सेवा समिति के सदस्य और स्वयंसेवक व्यवस्था संभालने में सहयोग करते हैं।

शनिवार को समाजसेवी और मंदिर सेवा समिति के संस्थापक कुबेर राठी मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने भगवान बजरंगबली की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेशवासियों के लिए सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने स्वयं श्रद्धालुओं और राहगीरों को महाप्रसाद वितरित कर भंडारे की शुरुआत की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और लोगों ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया।

मीडिया से चर्चा के दौरान कुबेर राठी ने इस सेवा को भगवान हनुमान की कृपा से जुड़ा कार्य बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्य किसी एक व्यक्ति के सामर्थ्य से संभव नहीं है, बल्कि इसे वह भगवान हनुमान की कृपा और आशीर्वाद का परिणाम मानते हैं। उन्होंने खुद को इस सेवा कार्य का केवल एक माध्यम बताते हुए कहा कि जनसेवा का यह क्रम प्रभु की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार जब तक सेवा जारी रखने की क्षमता और प्रभु का आशीर्वाद बना रहेगा, तब तक महाभंडारे का यह सिलसिला जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।

मंदिर के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कुबेर राठी ने दक्षिणमुखी हनुमान स्वरूप से जुड़ी मान्यताओं को भी बताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर से गहराई से जुड़ी हुई है और यहां लोग अपनी मनोकामनाओं तथा प्रार्थनाओं के साथ पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के साथ महाप्रसाद वितरण भी सेवा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

वर्ष 2009 से लगातार चल रहे इस शनिवार महाभंडारे ने अब रायपुर में एक नियमित सेवा परंपरा का रूप ले लिया है। आयोजन के दौरान किसी प्रकार का भेदभाव किए बिना आने वाले श्रद्धालुओं और राहगीरों को महाप्रसाद उपलब्ध कराया जाता है। रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की सेवा से यात्रियों और स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलता है। शनिवार के आयोजन में सेवा समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने जिम्मेदारी संभालते हुए महाप्रसाद वितरण में सहयोग किया। इस तरह भक्ति के साथ जनसेवा का यह संकल्प लगातार आगे बढ़ रहा है और मंदिर परिसर श्रद्धा, सेवा तथा सामाजिक सहयोग का केंद्र बना हुआ है।