रायपुर में नशे में ड्राइविंग पर बड़ी कार्रवाई: एक रात में 159 चालकों पर कार्यवाही
रायपुर यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष चेकिंग अभियान चलाया, जिसमें एक ही रात में 159 नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर कार्रवाई की गई। यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर। रायपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस ने एक सख्त और प्रभावी कदम उठाते हुए नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 29 मार्च की रात शहर के विभिन्न 8 स्थानों पर चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में महज 3–4 घंटे के भीतर 159 चालकों को नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। यह अब तक एक ही अभियान में की गई सबसे बड़ी कार्रवाई है, जिसने शहर में जागरूकता और कानून के प्रति गंभीरता दोनों को स्पष्ट रूप से दर्शाया है।
यह अभियान पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन और पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) श्री विकास कुमार के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। शहर के सभी यातायात थाना प्रभारियों ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाया। इस कार्रवाई ने न केवल नियम तोड़ने वालों को चेतावनी दी, बल्कि आम नागरिकों को भी सड़क सुरक्षा के महत्व का संदेश दिया।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2026 में अब तक नशे में वाहन चलाने के कुल 1,580 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। यह संख्या वर्ष 2025 में पूरे साल दर्ज किए गए 1,537 मामलों से भी अधिक है। इससे स्पष्ट होता है कि यातायात पुलिस लगातार सक्रिय और सतर्क है तथा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाई केवल आंकड़े बढ़ाने के लिए नहीं की जाती, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना, लोगों की जान बचाना और एक सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। नशे में वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह खुद चालक और अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
सड़क दुर्घटनाओं के पीछे अक्सर छोटी-छोटी लापरवाहियां होती हैं, जो बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं और सभी यातायात नियमों का पालन करें।
यातायात पुलिस द्वारा जारी कुछ महत्वपूर्ण सलाहों में शामिल है कि शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन बिल्कुल न चलाएं। यदि ऐसी स्थिति हो तो कैब, ऑटो या किसी मित्र अथवा परिवार के सदस्य की सहायता लें। इसके अलावा दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने से बचना चाहिए, विशेष रूप से रात के समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी जरूरी है। साथ ही नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति देना भी कानूनन अपराध है, जिससे बचना चाहिए।
यातायात पुलिस ने यह भी कहा है कि इस प्रकार के सघन और आकस्मिक चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे नियमों का पालन करें और एक सुरक्षित, जिम्मेदार और संवेदनशील यातायात संस्कृति के निर्माण में सहयोग दें।
अंततः, सुरक्षित यात्रा ही सुरक्षित जीवन की पहली शर्त है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है और कई अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं।