मोबाइल कवर रिफंड के नाम पर ठगी: रायपुर पुलिस ने पश्चिम बंगाल से साइबर आरोपी को किया गिरफ्तार
रायपुर में मोबाइल कवर रिफंड के नाम पर 1.35 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने पश्चिम 24 परगना से गिरफ्तार किया।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मोबाइल कवर रिफंड के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को खमतराई पुलिस ने साइबर सेल की मदद से पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ित से झांसा देकर 1 लाख 35 हजार 825 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए थे।
इस मामले में पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देशन में कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी जांच कर आरोपी तक पहुंच बनाई।
मामले की शुरुआत 3 फरवरी 2026 को हुई, जब प्रार्थी ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने थाना खमतराई में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 2 फरवरी को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें फोन कर मोबाइल के फ्लिप कवर का रिफंड दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने पीड़ित को अलग-अलग बैंक खातों में यूपीआई के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने के लिए कहा।
झांसे में आकर पीड़ित ने एसबीआई और एचडीएफसी बैंक खातों के माध्यम से कुल 1,35,825 रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले में थाना खमतराई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 318(4) और आईटी एक्ट धारा 66D के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और ट्रांजेक्शन डिटेल्स का विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी का लोकेशन दक्षिण 24 परगना जिले में मिला। इसके बाद रायपुर पुलिस की टीम पश्चिम बंगाल पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान शशांक बैद्य (29 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के बुरईपुर कुलपी रोड का निवासी है। पूछताछ में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी से संबंधित नगदी और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए हैं। साथ ही इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की जांच भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की बैंकिंग जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, रायपुर पुलिस की इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश गया है और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हुआ है।