मुख्यमंत्री साय ने जशपुर से आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसे बुनियादी विकास कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि “सबका साथ, सबका विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में सुशासन स्थापित करने और हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से प्रदेश को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सड़कों के निर्माण से पंडरिया के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित इन क्षेत्रों में अब बेहतर सड़क संपर्क से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और रोजगार के अवसरों तक आसान पहुंच मिल सकेगी।
विधायक ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि यह विकास की नई राह खोलती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंडरिया विधानसभा के प्रत्येक गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पक्की सड़कों, स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में वनांचल क्षेत्रों में पक्के आवास, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ विकास की तस्वीर तेजी से बदल रही है। आने वाले समय में भी सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक कार्य किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री द्वारा जिन 27 सड़कों का भूमिपूजन किया गया, उनमें भेलकी से चुलटोला मार्ग, बोहिल से झुमर, अमनिया से ढोलढोली, दमगढ़ से लुढूटोला, कांदावानी से डेंगुरजाम, बिरहुलडीह से करालू और अन्य कई महत्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों के निर्माण से क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
यह पहल पंडरिया विधानसभा को विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे वनांचल क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार की उम्मीद है।