सेवा के आठ सफल वर्ष: नीलांचल सेवा समिति ने रचा इतिहास, डॉ. संपत अग्रवाल के संकल्प से बना जन-जन का सहारा
नीलांचल सेवा समिति ने अपने सेवा-समर्पण के 8 वर्ष पूर्ण किए। विधायक एवं संस्थापक डॉ. संपत अग्रवाल के नेतृत्व में संस्था स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा सेवा में जन-जन का सहारा बनी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर बसना। क्षेत्र के सामाजिक और जनसेवा के इतिहास में आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया, जब नर सेवा को ही नारायण सेवा मानने वाली अग्रणी संस्था नीलांचल सेवा समिति ने अपने गौरवशाली सफर के आठ सफल वर्ष पूर्ण किए। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक एवं क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के सेवा, संकल्प और समर्पण की गूंज हर ओर सुनाई दी।
नीलांचल सेवा समिति की स्थापना आठ वर्ष पूर्व एक छोटे से संकल्प के साथ की गई थी—अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना। आज वही संकल्प एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है, जिसकी छाया में हजारों जरूरतमंद परिवारों को संबल मिल रहा है। शून्य से शिखर तक का यह सफर जनसेवा के क्षेत्र में एक मिसाल बन चुका है।
स्थापना दिवस के अवसर पर क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए विधायक एवं संस्थापक डॉ. संपत अग्रवाल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता का अटूट प्रेम और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि नीलांचल परिवार के प्रत्येक कार्यकर्ता और क्षेत्रवासियों के सहयोग की जीत है।
डॉ. अग्रवाल ने संस्था की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि नीलांचल सेवा समिति द्वारा निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा, विशाल स्वास्थ्य शिविर, गंभीर रोगों के उपचार में आर्थिक सहयोग और हजारों लोगों को जीवनदान देने का कार्य किया गया है। साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन, गरीब बच्चों की शिक्षा सहायता और सामाजिक उत्थान के लिए निरंतर प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि संस्था ने जगन्नाथ संस्कृति के संरक्षण, मंदिरों के जीर्णोद्धार और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में भी अहम भूमिका निभाई है। कोरोना महामारी और अन्य आपदाओं के समय नीलांचल सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने घर-घर राशन, दवाइयां और आवश्यक सामग्री पहुँचाकर मानवता की मिसाल पेश की।
कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा—“रुकना नहीं, थकना नहीं”। उनका संकल्प है कि जब तक क्षेत्र का एक भी व्यक्ति असहाय रहेगा, नीलांचल सेवा समिति सेवा पथ पर अग्रसर रहेगी। उनका विजन है—स्वस्थ बसना, शिक्षित बसना और समृद्ध बसना।
नीलांचल सेवा समिति का 8वां स्थापना दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का महापर्व बनकर उभरा, जिसने जनसेवा की नई इबारत लिख दी।