नारायणपुर के ग्राम धौड़ाई में तीन दिवसीय संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ
नारायणपुर जिले के ग्राम धौड़ाई में तीन दिवसीय संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ सरपंच सोमेश नेताम द्वारा किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य स्कूली बच्चों की खेल प्रतिभा को निखारना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता में आठ प्राथमिक शालाओं के बच्चे विभिन्न खेल विधाओं में भाग ले रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर | जिले के ग्राम धौड़ाई में स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन ग्राम पंचायत के सरपंच सोमेश नेताम द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीणों की दौड़ प्रतियोगिता से हुई, जिसने पूरे आयोजन में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया।
इस खेल आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें मंच प्रदान करना तथा पढ़ाई के साथ-साथ खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। प्रतियोगिता में संकुल क्षेत्र की आठ प्राथमिक शालाओं के बच्चे भाग ले रहे हैं और पूरे जोश के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता में खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल, रिले रेस, लंबी कूद सहित कई खेल विधाओं को शामिल किया गया है। बच्चों में खेलों को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। खेल मैदान में बच्चों की सक्रिय भागीदारी से गांव का माहौल पूरी तरह खेलमय बन गया है।
इस अवसर पर सरपंच सोमेश नेताम ने कहा कि बच्चों के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ खेलों का भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। खेल गतिविधियों से बच्चों का मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास होता है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के लिए पंचायत की ओर से खेल मैदान का निर्माण भी कराया गया है, जिससे बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सरपंच द्वारा कराए गए मैदान निर्माण की ग्रामीणों ने खुले दिल से प्रशंसा की।
ग्रामीणों की सहभागिता भी इस आयोजन की खास पहचान बन रही है। गांव के लोग बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए बड़ी संख्या में खेल मैदान में पहुंच रहे हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन सभी प्रतिभागी बच्चों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह पहल निश्चित रूप से ग्रामीण अंचल में खेल संस्कृति को मजबूत करने और भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।
तीन दिवसीय इस संकुल स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही मंच और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भी खेलों में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।