U-19 स्कूल नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने रचा इतिहास, मणिपुर से लौटे दो कांस्य पदक
मणिपुर के इंफाल में आयोजित U-19 SGFI स्कूल नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया। महासमुंद की पदमा साहू और राजनांदगांव के रुस्तम साहू की मिक्स टीम ने कंपाउंड आर्चरी में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पदमा साहू ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी कांस्य पदक हासिल कर कुल दो पदक अपने नाम किए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने एक बार फिर राष्ट्रीय खेल मंच पर राज्य का परचम लहराया है। मणिपुर की राजधानी इंफाल में 14 से 18 जनवरी तक आयोजित U-19 SGFI स्कूल नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए युवा तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन किया और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।
महासमुंद की पदमा साहू और राजनांदगांव के रुस्तम साहू की मिक्स टीम ने कंपाउंड आर्चरी स्पर्धा में महाराष्ट्र और केरल जैसी मजबूत टीमों को पराजित करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आधुनिक उपकरणों वाली कंपाउंड आर्चरी में छत्तीसगढ़ की मिक्स टीम द्वारा यह पहला राष्ट्रीय पदक है, जिसने राज्य के तीरंदाजी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
इसके साथ ही पदमा साहू ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक और कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह उन्होंने इस प्रतियोगिता में कुल दो पदक जीतकर न केवल अपने जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता के दौरान पदमा साहू ने तकनीकी सटीकता, मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया।
खेल विशेषज्ञों के अनुसार, यह सफलता छत्तीसगढ़ में तीरंदाजी खेल के बढ़ते स्तर, बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य के खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतना भविष्य के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, भारतीय तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष कैलाश मुरारका, महासचिव आयुष मुरारका, राजनांदगांव के कोच हीरु साहू, महासमुंद के कोच तथा राज्य के सभी तीरंदाजी कोचों और खिलाड़ियों ने पदक विजेताओं को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी।
खेल प्रेमियों का मानना है कि यह सफलता आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और राज्य को तीरंदाजी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।