UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l नगरी क्षेत्र में उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों के सामने गैस सिलेंडर लेने को लेकर नई परेशानी खड़ी हो गई है। गांवों से गैस सिलेंडर लेने ब्लॉक मुख्यालय नगरी पहुंचने वाले ग्रामीणों को पहले गैस एजेंसी कार्यालय में ऑनलाइन एंट्री और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसके बाद उन्हें टोकन दिया जाता है और सिलेंडर लेने के लिए करीब तीन किलोमीटर दूर चमेदा जाने को कहा जाता है। इस व्यवस्था के कारण दूरदराज के गांवों से आने वाली महिलाओं और अन्य हितग्राहियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले गांवों में च्वाइस सेंटर के माध्यम से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की व्यवस्था थी। इससे गांव के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय तक आने की जरूरत नहीं पड़ती थी और महिलाएं भी आसानी से अपने गांव में ही गैस सिलेंडर प्राप्त कर लेती थीं। उज्ज्वला योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों को गैस कनेक्शन मिलने के बाद लकड़ी और धुएं से राहत मिली थी। खासकर वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हुई थी।
बताया जा रहा है कि गांवों में च्वाइस सेंटर के माध्यम से गैस वितरण की सुविधा बंद होने के बाद ग्रामीणों को मजबूरी में नगरी आना पड़ रहा है। गांव से बस या टैक्सी के जरिए नगरी पहुंचने के बाद गैस एजेंसी कार्यालय में जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाती है। पैसे जमा करने के बाद हितग्राही को टोकन दिया जाता है। इसके बाद उन्हें टोकन लेकर चमेदा के पास खड़ी गैस वाहन तक पहुंचकर सिलेंडर लेने के लिए कहा जाता है।
तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी उन ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है, जिनके पास खुद का वाहन नहीं है। ऐसे हितग्राहियों को चमेदा तक पहुंचने के लिए ऑटो या अन्य साधन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके ऊपर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूरदराज के गांवों से आने वाले लोगों को इस व्यवस्था से अधिक परेशानी होती है।
हितग्राहियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जहां गैस सिलेंडर का वितरण किया जा रहा है, वहीं गैस एजेंसी का कार्यालय या आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इससे ग्रामीणों को टोकन लेने के लिए एक जगह और सिलेंडर लेने के लिए दूसरी जगह जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उनका कहना है कि एक ही स्थान पर कार्यालय और गैस वितरण की व्यवस्था होने से समय और अतिरिक्त किराए दोनों की बचत होगी।
इस मामले में नगरी के फूड इंस्पेक्टर विश्व प्रताप चंदेल ने बताया कि गैस कार्यालय से सिलेंडर उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं है। गैस सिलेंडर होम डिलीवरी के माध्यम से हितग्राहियों तक पहुंचाया जाना है। उन्होंने बताया कि गांवों में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए च्वाइस सेंटर के माध्यम से गैस वितरण की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ग्रामीणों को भविष्य में गैस सिलेंडर के लिए नगरी या अन्य स्थानों तक आने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।