बैठक के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों और अपराधों से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं का आपस में आदान-प्रदान किया गया। अधिकारियों ने माओवादी गतिविधियों के साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर चर्चा की। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सीमा क्षेत्र में किसी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित पुलिस इकाइयों को तत्काल इसकी सूचना दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने अंतर्राज्यीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आपसी समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर भी चर्चा की। बैठक में संभावित माओवादी गतिविधियों से संबंधित सूचनाओं को साझा करने, संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने माना कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए राज्यों की पुलिस के बीच त्वरित सूचना तंत्र बेहद महत्वपूर्ण है।
बैठक में NDPS से जुड़े मामलों को लेकर भी चर्चा की गई। सीमावर्ती क्षेत्रों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की आवाजाही के लिए न हो, इसके लिए पुलिस स्तर पर निगरानी और सूचनाओं के आदान-प्रदान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित राज्यों की पुलिस को तुरंत अवगत कराने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
इस समन्वय बैठक में एसडीओपी नगरी विपिन रंगारी, एसडीओपी एवं थाना प्रभारी बोरई निरीक्षक मधुनाथ ध्रुव, उमरकोट से सुरेंद्र कुमार सबर, नवरंगपुर नक्सल ऑप्स निरीक्षक बिपिन कुमार साहू, थाना प्रभारी रायघर निरीक्षक टेकचंद खटवा, थाना प्रभारी कुंदई प्रदीप कुमार सबर तथा सीतानदी सीएएफ कैंप प्रभारी कंपनी कमांडर दिलीप कुमार मंडावी सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपराधिक या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल प्रतिक्रिया देने की रणनीति पर चर्चा की। पुलिस अधिकारियों के बीच बेहतर संपर्क और नियमित सूचना साझा करने से सीमा से जुड़े अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
धमतरी जिले से लगे अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस प्रकार की समन्वय बैठक को महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। माओवादी गतिविधियों, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाना इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य रहा। त्वरित सूचना आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत होने से संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से नजर रखने में सहायता मिलेगी।
पुलिस विभाग द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी और आपसी समन्वय को आगे भी जारी रखने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों ने सुरक्षा से जुड़े मामलों में एक-दूसरे के साथ आवश्यक जानकारी साझा करने और किसी भी गंभीर गतिविधि की स्थिति में तत्काल समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की बात कही। बैठक के माध्यम से अंतर्राज्यीय सीमा पर सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया।