जानकारी के अनुसार, जरहागांव से भटगांव की ओर जा रहे तीन युवक बाइक पर सवार थे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही कार से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि भटगांव निवासी राधेश्याम निर्मलकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक—जरहागांव निवासी आर्यन निर्मलकर और बिलासपुर निवासी शुभम निर्मलकर—गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
जरहागांव थाना प्रभारी शोभा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। परिजनों का आरोप है कि सड़क निर्माण में बरती जा रही लापरवाही ही इस दुर्घटना की मुख्य वजह है।
मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माणाधीन टोल नाके के पास सड़क के बीचों-बीच बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जो लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक सवार इन गड्ढों से बचने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हो गया।
परिजनों ने सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार और संबंधित विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है। उनका कहना है कि हाईवे का निर्माण कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है और कई जगह सड़क अधूरी व खतरनाक बनी हुई है। ऐसे में रोजाना राहगीरों की जान जोखिम में पड़ रही है।
लोगों का यह भी कहना है कि एक तरफ जहां टोल प्लाजा का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द टोल टैक्स वसूली शुरू की जा सके, वहीं दूसरी ओर सड़क की स्थिति बदहाल बनी हुई है। इससे साफ जाहिर होता है कि आम जनता की सुरक्षा से ज्यादा प्राथमिकता राजस्व वसूली को दी जा रही है।
परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं। इसके अलावा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी सख्ती बरतने की मांग की गई है।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे और निर्दोष लोगों की जान जाती रहेगी।