मुनगा बनेगा सुपोषित छत्तीसगढ़ का आधार, ‘घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा’ अभियान को मिलेगा जनसहयोग
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक मुनगा (सहजन) के पौधे लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि "घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा" अभियान के माध्यम से कुपोषण मुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में जनप्रतिनिधियों, महिला समूहों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से वर्षा ऋतु के दौरान अधिक से अधिक मुनगा (सहजन) के पौधे लगाने की अपील करते हुए कहा कि मुनगा सुपोषित, स्वस्थ और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार बन सकता है। विभाग द्वारा "घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा" अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों में व्यापक स्तर पर मुनगा पौधरोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है। मुनगा को "सुपोषण वृक्ष" के रूप में विकसित करने की दिशा में महिला एवं बाल विकास विभाग लगातार कार्य कर रहा है, ताकि कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि मुनगा को विश्वभर में "मदर्स ट्री" के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पत्तियों, फलियों और अन्य भागों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए, विटामिन सी और कई आवश्यक पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित रूप से मुनगा का सेवन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होता है। साथ ही यह महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम, मातृ स्वास्थ्य में सुधार तथा परिवार के पोषण स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पोषण सुधार को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे जनभागीदारी आधारित अभियान के रूप में विकसित कर रही है। यदि प्रत्येक घर और प्रत्येक आंगन में मुनगा का पौधा लगाया जाए, तो आने वाले वर्षों में प्रदेश में पोषण सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।
उन्होंने प्रदेश के सांसदों, विधायकों, जनपद एवं जिला पंचायत प्रतिनिधियों, सरपंचों और अन्य जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान का नेतृत्व करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों, शासकीय परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर मुनगा पौधरोपण कर "सुपोषण वाटिका" विकसित की जानी चाहिए।
लक्ष्मी राजवाड़े ने महिला स्व-सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि खेतों, घरों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए मुनगा के पौधे आने वाले वर्षों में न केवल पोषण का मजबूत स्रोत बनेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरियाली और जैव विविधता को भी बढ़ावा देंगे।
उन्होंने कहा कि मुनगा का प्रत्येक पौधा स्वस्थ समाज, मजबूत परिवार और समृद्ध भविष्य का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि "घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा" के संकल्प के साथ इस अभियान को जनआंदोलन बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग से यह पहल छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और हरित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।