एमसीबी मनेन्द्रगढ़: रेरा पंजीकृत कॉलोनियों में EWS नियमों के पालन पर सवाल, प्रशासनिक कार्रवाई की उठी मांग

मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी) की रेरा-पंजीकृत कॉलोनियों में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रावधानों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ कॉलोनाइजर एक्ट के तहत अनिवार्य EWS आरक्षण जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा, जबकि नियमों के अनुसार बिना EWS प्रावधान के कॉलोनी को पूर्ण स्वीकृति नहीं दी जा सकती।

Jan 26, 2026 - 16:42
 0  239
एमसीबी मनेन्द्रगढ़: रेरा पंजीकृत कॉलोनियों में EWS नियमों के पालन पर सवाल, प्रशासनिक कार्रवाई की उठी मांग

UNITED NEWS OF ASIA. महेन्द्र शुक्ला, मनेन्द्रगढ़ (एमसीबी)। मनेन्द्रगढ़ क्षेत्र में रेरा (RERA) पंजीकृत कॉलोनियों में छत्तीसगढ़ कॉलोनाइजर एक्ट के तहत लागू EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रावधानों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

क्या कहते हैं नियम

छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम एवं कॉलोनाइजर नियमों के अनुसार—

किसी भी स्वीकृत कॉलोनी में EWS वर्ग के लिए भूमि या आवास आरक्षित करना अनिवार्य है.

EWS के लिए निर्धारित प्लॉट या आवास सरकार द्वारा तय दरों पर ही दिए जाने चाहिए.

बिना EWS प्रावधान के कॉलोनी को पूर्ण स्वीकृति नहीं दी जा सकती.

EWS क्षेत्र में भी सड़क, पानी, बिजली, नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं देना कॉलोनाइजर की जिम्मेदारी है.

जमीनी स्थिति पर सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ की कुछ रेरा-पंजीकृत कॉलोनियों में EWS के लिए आरक्षित भूमि का लाभ जमीनी स्तर पर नजर नहीं आता। नियमों के अनुरूप यह स्पष्ट होना चाहिए कि—

EWS के लिए कितनी भूमि आरक्षित की गई

कितने पात्र हितग्राहियों को प्लॉट या आवास आवंटित हुए

आवंटन किस दर पर और किस प्रक्रिया से किया गया

RERA और कॉलोनाइजर एक्ट का दायरा

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल RERA पंजीयन होना EWS नियमों से छूट नहीं देता।

RERA का उद्देश्य परियोजना की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करना है, जबकि EWS प्रावधान कॉलोनी विकास की अनिवार्य सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसका पालन हर हाल में कॉलोनाइजर को करना होता है।

प्रशासन की भूमिका अहम

नियमों के अनुसार, यदि—

EWS आरक्षण का पालन नहीं हुआ

गलत जानकारी देकर कॉलोनी का प्रचार या विक्रय किया गया

तो प्रशासन को अधिकार है कि—

  • कॉलोनाइजर से जवाब तलब करे
  • कॉलोनी की स्वीकृति या लाइसेंस की समीक्षा करे
  • नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई करे
  • जनता की मांग

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि प्रशासन—

  • कॉलोनियों की रिकॉर्ड आधारित जांच कराए
  • EWS आरक्षण से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करे
  • पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार लाभ दिलाए

अब देखना होगा कि नियमों के तहत उठे इन गंभीर सवालों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।