जनभागीदारी से सशक्त होंगे अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाएं : लक्ष्मी राजवाड़े

सूरजपुर जिले के चाँदनी बिहारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जीवन दीप समिति की बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अस्पताल प्रबंधन में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन, बीमा क्लेम, मेडिकल अपशिष्ट प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

Jul 30, 2026 - 11:00
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जनभागीदारी से सशक्त होंगे अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाएं : लक्ष्मी राजवाड़े

UNITED NEWS OF ASIA. महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि अस्पताल केवल उपचार केंद्र नहीं, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास का आधार हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों के बेहतर संचालन के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे स्वास्थ्य संस्थान अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुख बन सकें। मंत्री ने यह बातें सूरजपुर जिले के चाँदनी बिहारपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित जीवन दीप समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं।

बैठक में जीवन दीप समिति के एजेंडे के अनुसार विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। इसमें समिति के पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान अस्पताल प्रबंधन, वित्तीय व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य (चिरायु) कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण, फॉलोअप और निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले उपलब्धियों का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जीवन दीप समिति का गठन अस्पताल प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि समिति नियमानुसार वार्षिक बजट और आय-व्यय का विवरण तैयार कर सामान्य सभा से अनुमोदित कराए, ताकि वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी रहे और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जा सके।

बैठक में उन्होंने बीमा क्लेम की शत-प्रतिशत वसूली, अस्पताल परिसर की भूमि के समुचित प्रबंधन, मेडिकल अपशिष्ट के सुरक्षित निष्पादन तथा एम्बुलेंस एवं अन्य वाहनों के नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं, नियमित उपचार तथा ब्लड बैंक जैसी आवश्यक सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने जीवन दीप समिति के सदस्यों से अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण, संसाधनों के बेहतर उपयोग और अस्पताल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में विभिन्न सुझावों पर भी चर्चा की गई। अंत में लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही जीवन दीप समिति अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकेगी और प्रदेश में बेहतर, सुलभ तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।