ग्राम इन्द्रपुर निवासी रनिया सिंह चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण आवागमन के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं। उनकी समस्या की जानकारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तक पहुंची। मामले की जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा पात्र हितग्राही को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मंत्री के निर्देश के बाद सूरजपुर जिले के समाज कल्याण विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा किया। विभागीय स्तर पर कार्रवाई पूरी होने के बाद आवेदन के लगभग 48 घंटे के भीतर रनिया सिंह को ट्राई साइकिल उपलब्ध करा दी गई। इस त्वरित कार्रवाई के जरिए जरूरतमंद हितग्राही को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया।
ट्राई साइकिल मिलने के बाद रनिया सिंह और उनके परिजनों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। परिवार के अनुसार ट्राई साइकिल मिलने से रनिया सिंह के लिए घर से बाहर जरूरी कामों के लिए आवागमन पहले की तुलना में आसान होगा। साथ ही दैनिक गतिविधियों के लिए दूसरों पर निर्भरता भी कम हो सकेगी।
समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के अंतर्गत दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ऐसे मामलों में पात्र हितग्राही तक सहायता पहुंचाने के लिए आवेदन और आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जाती है। रनिया सिंह के मामले में विभाग ने मंत्री के निर्देश के बाद प्रक्रिया को तेजी से पूरा करते हुए उन्हें ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासकीय योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों सहित समाज के जरूरतमंद वर्गों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जनसमस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक प्रयास जारी रखने की बात कही।
रनिया सिंह को 48 घंटे में ट्राई साइकिल मिलने की यह पहल शासकीय सहायता को जरूरतमंद व्यक्ति तक त्वरित रूप से पहुंचाने के उदाहरण के रूप में सामने आई है। इससे दिव्यांग हितग्राही के लिए आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।