इस उपलब्धि के संबंध में भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के प्रबंध संचालक गौरी शंकर शर्मा ने सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। मंत्री ने कारखाना प्रबंधन, कर्मचारियों और गन्ना उत्पादक किसानों को उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शुगर रिकवरी में बेहतर प्रदर्शन किसानों की मेहनत, गुणवत्तापूर्ण गन्ने, तकनीकी दक्षता और कारखाने की संचालन व्यवस्था से जुड़ा है।
केदार कश्यप ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके अनुसार सहकारिता व्यवस्था में बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की उपलब्धि से प्रदेश की अन्य सहकारी संस्थाओं को भी अपने प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रेरणा मिल सकती है।
मंत्री ने सहकारिता क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन, प्राथमिक कृषि साख समितियों यानी पैक्स के कम्प्यूटरीकरण और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं को किसानों की जरूरतों से जोड़ते हुए ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों का माध्यम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने की लगातार दो वर्षों की शुगर रिकवरी उपलब्धि पहले भी सामने आ चुकी है। सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार कारखाने ने 2024-25 और 2025-26 में देश में सर्वाधिक शुगर रिकवरी दर्ज की और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर का एफिशिएंसी अवार्ड प्राप्त करने का उल्लेख किया गया है।
पुरस्कार समारोह 22 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने की जानकारी दी गई है। समारोह में केंद्रीय मंत्री और देशभर की सहकारी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना बताई गई है। नेशनल को-ऑपरेटिव शुगर फेडरेशन सहकारी चीनी मिलों के विभिन्न प्रदर्शन क्षेत्रों में पुरस्कार प्रदान करता है, जिनमें शुगर रिकवरी, तकनीकी दक्षता, गन्ना विकास और वित्तीय प्रबंधन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
सहकारिता मंत्री ने इस उपलब्धि को किसानों, कारखाना प्रबंधन और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से जोड़ते हुए कहा कि सहकारी संस्थाओं के बेहतर संचालन से किसानों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के अवसर बढ़ सकते हैं। भोरमदेव कारखाने का लगातार दो पेराई सत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर चयन इसी प्रदर्शन का एक उदाहरण है।