कुंडा थाने में आधी रात पहुंचे एसपी, कानून-व्यवस्था का लिया जायजा
कबीरधाम जिले के कुंडा थाने में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने मध्यरात्रि औचक निरीक्षण कर थाना व्यवस्थाओं, अभिलेखों, सुरक्षा इंतजामों और रात्रि गश्त की समीक्षा की। अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, संवेदनशीलता तथा अपराधों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने मध्यरात्रि में कुंडा थाने का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी पंडरिया भूपत सिंह और थाना प्रभारी अमित कश्यप भी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक लगातार जिले के विभिन्न थाना और चौकियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का मूल्यांकन कर रहे हैं तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना में पदस्थ अधिकारियों और जवानों की उपस्थिति, रोजनामचा, ड्यूटी रजिस्टर तथा अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। इसके साथ ही थाना परिसर, सुरक्षा व्यवस्था, शासकीय आवास, बैरक, शासकीय वाहनों, हथियारों और रात्रिकालीन गश्त की स्थिति की समीक्षा की गई। लंबित शिकायतों और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उन्होंने अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक शिकायत पर त्वरित तथा निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पुलिस अधीक्षक ने अवैध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय बना रहना चाहिए और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस को पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि थाना आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए तथा उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। पुलिस और जनता के बीच विश्वास बनाए रखना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि नियमित निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार लाना और जनता को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराना भी है। निरीक्षण के दौरान थाना स्तर पर आवश्यक सुधारों के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए।