रील बनाने वाले आरईओ पर गिर सकती है गाज, कृषि विभाग ने शुरू की जांच
कोंडागांव जिले में कृषि विभाग के दो आरईओ द्वारा सोशल मीडिया पर रील बनाने का मामला सामने आने के बाद विभाग ने जांच शुरू कर दी है। पूर्व में निलंबन झेल चुके दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव। कोंडागांव जिले में कृषि विभाग के दो ग्रामीण विस्तार अधिकारियों (आरईओ) का सोशल मीडिया पर रील बनाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। विभागीय कार्यों की बजाय सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के आरोपों के बाद कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में दोनों अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, संबंधित दोनों आरईओ पूर्व में भी इसी तरह के मामलों में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होने के बाद विभाग हरकत में आया। कृषि विभाग कोंडागांव के उप संचालक कैलाशनाथ मरकाम ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण प्राप्त होते ही पूरे मामले की जानकारी कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएगी।
उप संचालक कैलाशनाथ मरकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के कर्मचारी होने के नाते इस प्रकार का व्यवहार और सोशल मीडिया पर सक्रियता विभागीय मर्यादाओं के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन के नियमों के अनुसार शासकीय कार्यों को प्राथमिकता देना अनिवार्य है और सोशल मीडिया का इस तरह उपयोग करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर से चर्चा कर अनुमति लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पूर्व में भी कृषि विभाग के आरईओ दुष्यंत नाग और आरईओ लकेश सेठिया के खिलाफ इसी तरह की शिकायतों पर कार्रवाई की गई थी। उस समय दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया था और लगभग तीन माह बाद बहाल किया गया था। बहाली के दौरान दोनों की ओर से भविष्य में इस तरह की गतिविधियों में शामिल न होने को लेकर क्षमा याचना पत्र भी प्रस्तुत किया गया था।
इसके बावजूद दोबारा इस तरह का मामला सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि कृषि विभाग इस बार दोनों लापरवाह आरईओ पर क्या कार्रवाई करता है। जांच का निष्कर्ष आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दोनों अधिकारियों पर निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई होती है या उन्हें अंतिम चेतावनी देकर छोड़ा जाता है।