पुलिस की निगरानी केवल हथियार रखने या लेकर चलने वाले लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियारों की बिक्री, निर्माण, मरम्मत और धार लगाने से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। शहर के हार्डवेयर और बर्तन दुकानदारों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस ने दुकानदारों से कहा है कि नाबालिगों या संदिग्ध व्यक्तियों को चाकू, छुरी अथवा अन्य धारदार वस्तुएं बेचते समय सतर्कता बरती जाए। किसी खरीददार की गतिविधि संदिग्ध लगे तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए।
अभियान के तहत चाकू-छुरी में धार लगाने वाले कारीगरों को भी पुलिस ने सतर्क किया है। पुलिस के मुताबिक यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति हथियार बनवाने, उसकी मरम्मत कराने या धार लगवाने के लिए संपर्क करता है, तो कारीगरों को इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। इसी तरह वेल्डिंग और फैब्रिकेशन का काम करने वाले संचालकों को भी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। पुलिस का प्रयास है कि किसी संभावित अपराध में इस्तेमाल होने वाले हथियार को तैयार होने या अपराधियों तक पहुंचने से पहले ही संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिल सके।
नाबालिगों को हथियार उपलब्ध कराने वालों पर भी पुलिस की नजर है। पुलिस ने दुकानदारों और अन्य संबंधित लोगों को चेतावनी दी है कि यदि जांच के दौरान किसी नाबालिग को हथियार उपलब्ध कराने में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने अभिभावकों और आम नागरिकों से भी बच्चों और युवाओं की गतिविधियों पर ध्यान देने तथा उन्हें हथियारों के दुरुपयोग से दूर रखने की अपील की है।
ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन को देखते हुए पुलिस ने ऑनलाइन शॉपिंग एप के गोदाम संचालकों और कर्मचारियों को भी अलर्ट किया है। उन्हें चाकू, छुरी या अन्य धारदार वस्तुओं की संदिग्ध अथवा असामान्य मांग पर नजर रखने और उपलब्ध रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी समय रहते जुटाना है, ताकि ऐसे सामान का गलत इस्तेमाल होने की आशंका को कम किया जा सके।
पुलिस ने आम नागरिकों और व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की है। किसी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन करने, संदिग्ध तरीके से हथियार खरीदने या बनवाने अथवा हथियारों से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने कहा गया है। पुलिस का कहना है कि समय पर मिली सूचना से संभावित अपराध को रोकने में मदद मिल सकती है।
खैरागढ़ पुलिस के इस अभियान का फोकस शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और धारदार हथियारों के संभावित दुरुपयोग पर नियंत्रण करने पर है। पुलिस ने साफ किया है कि हथियार रखना, उन्हें लेकर सार्वजनिक स्थानों पर घूमना या उनके जरिए लोगों में भय पैदा करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान दुकानदारों और संबंधित कारोबारियों को भी जिम्मेदारीपूर्वक काम करने की हिदायत दी गई है। अब पुलिस की निगरानी हथियारों के उपयोग के साथ-साथ उनकी बिक्री और तैयार होने की गतिविधियों तक बढ़ गई है।