जानकारी के अनुसार, सिहावा पुलिस को सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन में मवेशियों को कथित तौर पर क्रूरतापूर्वक भरकर अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने नगरी-सिहावा मुख्य मार्ग पर देवपुर चौक के पास घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक CG-05 AU-4503 को रोक लिया और उसकी तलाशी ली।
पुलिस के अनुसार, वाहन की जांच के दौरान उसमें चार गौवंश मवेशी पाए गए। आरोप है कि मवेशियों को वाहन में अत्यधिक तंग स्थिति में रखा गया था। पुलिस ने तत्काल सभी मवेशियों को वाहन से बाहर निकालकर अपने कब्जे में लिया। इसके साथ ही वाहन में मौजूद तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद तीनों को मामले में गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तानसिंह साहू, भोजराम यादव और करणसिंह यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है। कार्रवाई के बाद बरामद मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था और उन्हें किस उद्देश्य से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था।
मामले में सिहावा थाने में अपराध क्रमांक 71/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान अवैध पशु परिवहन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई जा रही है। वाहन के मालिकाना हक, मवेशियों के स्रोत और परिवहन के संभावित गंतव्य के संबंध में भी जांच की जा सकती है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से मवेशियों के परिवहन को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधियों और पशुओं के साथ क्रूरता के मामलों में सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील भी की जाती है।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। चार मवेशियों की बरामदगी और पिकअप वाहन की जब्ती को कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में अवैध पशु परिवहन का नेटवर्क कितना व्यापक है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका है या नहीं।