UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l जिले के अंतिम छोर और ओड़िशा राज्य की सीमा से सटे ग्राम झोलाराव में खाद चोरी की एक घटना और उसके बाद ग्रामीणों द्वारा आरोपियों के साथ किए गए व्यवहार की चर्चा क्षेत्र में बनी हुई है। गांव में एक किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां चोरी होने के बाद ग्रामीणों ने चोरी के आरोप में दो युवकों को कथित तौर पर रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पुलिस के हवाले करने के बजाय अपने स्तर पर ऐसी सजा दी, जिसे गांव में मौजूद लोगों ने अनोखा बताया।
जानकारी के अनुसार, गांव के एक किसान के घर से यूरिया खाद की दो बोरियां गायब हो गई थीं। चोरी का आरोप प्रभु और कृष्णा नामक दो युवकों पर लगाया गया। बताया गया कि दोनों युवक कथित तौर पर खाद की बोरियां लेकर उसे कहीं ले जाने और बेचने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिल गई। ग्रामीणों ने सतर्कता दिखाते हुए दोनों युवकों को घेर लिया और उनके पास मौजूद यूरिया की बोरियां बरामद कर लीं।
ग्रामीणों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों युवकों से खाद की बोरियों के संबंध में जानकारी ली गई। इसके बाद मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों ने कथित चोरी की घटना को लेकर दोनों युवकों को सार्वजनिक रूप से सबक सिखाने का फैसला किया। इसके बाद उनके कंधों पर वही यूरिया की बोरियां रस्सी के सहारे बांध दी गईं, जिन्हें चोरी का बताया जा रहा था।
इसके बाद ग्रामीणों ने गाजे-बाजे का इंतजाम किया और दोनों युवकों को यूरिया की बोरी के साथ गांव की बस्ती में पैदल घुमाया। ढोल-नगाड़ों की आवाज के बीच निकाले गए इस जुलूस को देखने के लिए गांव के कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों और महिलाओं तक बड़ी संख्या में ग्रामीण इस घटनाक्रम को देखने के लिए मौजूद रहे। घटना का वीडियो या तस्वीरें सामने आने के बाद यह मामला आसपास के क्षेत्र में भी चर्चा का विषय बन गया।
ग्रामीणों का कहना था कि खाद जैसी जरूरी कृषि सामग्री की चोरी से किसानों को नुकसान होता है और ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। हालांकि, किसी भी चोरी के आरोप की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकती है। कानून व्यवस्था के लिहाज से किसी आरोपी को सार्वजनिक रूप से दंडित करने के बजाय पुलिस को सौंपना उचित प्रक्रिया मानी जाती है। ग्रामीणों द्वारा निकाला गया जुलूस इसी कारण चर्चा में है।
झोलाराव ओड़िशा सीमा से लगा इलाका होने के कारण यहां कृषि से जुड़ी सामग्री की उपलब्धता और सुरक्षा किसानों के लिए महत्वपूर्ण विषय है। घटना के बाद ग्रामीणों में खाद और अन्य कृषि सामग्री की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल प्रभु और कृष्णा पर लगाए गए खाद चोरी के आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से स्पष्ट होगी।