खैरागढ़ नगर पालिका की खरीदी पर फिर उठे सवाल, दो महीने में टूटा कचरा संग्रहण रिक्शा
खैरागढ़ नगर पालिका में करीब 1.31 करोड़ रुपए की तीन स्काई लिफ्ट मशीनों की खरीदी की जांच और भुगतान रोकने की मांग के बीच अब कचरा संग्रहण रिक्शा टूटने का मामला सामने आया है। दाऊचौरा वार्ड में कचरा संग्रहण के दौरान करीब दो से ढाई महीने पहले खरीदा गया रिक्शा अचानक दो हिस्सों में टूट गया। घटना में किसी को चोट नहीं आई। कांग्रेस ने खरीदी की गुणवत्ता और पारदर्शिता की जांच की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ नगर पालिका में खरीदी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब कचरा संग्रहण के लिए खरीदे गए रिक्शे की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार सुबह वार्ड क्रमांक 17 दाऊचौरा में कचरा संग्रहण के दौरान नगर पालिका का एक रिक्शा अचानक टूटकर दो हिस्सों में बंट गया। बताया जा रहा है कि इस रिक्शे की खरीदी करीब दो से ढाई महीने पहले ही कचरा संग्रहण के काम के लिए की गई थी। घटना के दौरान स्वच्छता दीदी कचरा संग्रहण के लिए मौके पर पहुंची थीं। रिक्शे का ढांचा अचानक टूट जाने के बावजूद राहत की बात रही कि किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।
रिक्शे के इतनी कम अवधि में टूटने की घटना के बाद नगर पालिका की खरीदी प्रक्रिया और सामान की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि यदि कुछ महीने पहले खरीदा गया कचरा संग्रहण रिक्शा सामान्य उपयोग के दौरान ही दो हिस्सों में टूट गया, तो खरीद के समय इसकी मजबूती और तकनीकी गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। बताया जा रहा है कि अन्य कचरा संग्रहण रिक्शों की स्थिति भी अच्छी नहीं है और कुछ वाहन खराब होकर उपयोग से बाहर होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरुण भारद्वाज ने घटना को गंभीर बताते हुए नगर पालिका की खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से होने वाली किसी भी खरीदी में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उनके मुताबिक, जब दो से ढाई महीने पहले खरीदा गया रिक्शा इतनी जल्दी टूट गया है, तो इसकी गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में पहले से करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपए की तीन स्काई लिफ्ट मशीनों की खरीदी को लेकर जांच की मांग उठ रही है और इसी बीच कचरा संग्रहण रिक्शे के टूटने की घटना ने खरीदी व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन ने करीब 1.31 करोड़ रुपए की लागत से खरीदी गई तीन स्काई लिफ्ट मशीनों को लेकर अपर कलेक्टर सुरेंद्र ठाकुर से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने मांग की थी कि खरीदी प्रक्रिया और मशीनों की गुणवत्ता की जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान को रोका जाए। शिकायत में यह सवाल भी उठाया गया था कि जब खरीदी की प्रक्रिया और गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग की जा रही है, तो भुगतान में जल्दबाजी क्यों की जा रही है।
अब कचरा संग्रहण रिक्शे के टूटने की घटना के बाद नगर पालिका की खरीदी व्यवस्था पर एक और सवाल सामने आया है। मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका प्रशासन रिक्शे की तकनीकी गुणवत्ता की जांच कराता है या नहीं। यदि जांच में निर्माण सामग्री या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने और संबंधित आपूर्तिकर्ता या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का सवाल भी उठ सकता है। फिलहाल घटना के बाद नगर पालिका की खरीदी प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।