धमतरी में पुल नहीं तो खाट पर मरीज, उफनता नाला पार कराने की मजबूरी; 30 साल से पुल की मांग

धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में दो दिनों की बारिश के बाद डुमर नाला उफान पर आ गया, जिससे चर्रा कच्छारपारा के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। तबीयत बिगड़ने पर गोपेश पटेल को परिजनों और ग्रामीणों ने खाट पर बैठाकर तेज बहाव वाला नाला पार कराया। पानी का बहाव अधिक होने के कारण मरीज को रातभर गांव में ही रहना पड़ा और सुबह जलस्तर कम होने पर अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीण करीब 30 वर्षों से पुल की मांग कर रहे हैं।

Sep 12, 2026 - 13:50
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धमतरी में पुल नहीं तो खाट पर मरीज, उफनता नाला पार कराने की मजबूरी; 30 साल से पुल की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद ग्रामीणों की परेशानी एक बार फिर सामने आई है। दो दिनों की बारिश के चलते डुमर नाला उफान पर आ गया, जिससे चर्रा कच्छारपारा के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया। इस दौरान एक मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को खाट का सहारा लेना पड़ा। तेज बहाव के कारण नाला पार करना जोखिम भरा होने से मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना संभव नहीं हो सका और उसे रातभर गांव में ही रहना पड़ा।

जानकारी के अनुसार चर्रा कच्छारपारा निवासी गोपेश पटेल की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की जरूरत थी। लेकिन लगातार बारिश के कारण डुमर नाला में पानी का बहाव तेज था और नाले पर पुल या पक्की पुलिया नहीं होने के चलते रास्ता बंद हो गया। ऐसी स्थिति में सरपंच रूपेश ध्रुव सहित परिजनों और ग्रामीणों ने गोपेश पटेल को खाट पर बैठाकर नाला पार कराने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने सावधानी के साथ मरीज को नाला पार कराया, लेकिन तेज बहाव के कारण उसे तुरंत अस्पताल तक ले जाना संभव नहीं हो सका।

ग्रामीणों के अनुसार पानी का बहाव इतना अधिक था कि रात के समय नाला पार करना मुश्किल हो गया। इसके चलते मरीज को रातभर गांव में ही रखना पड़ा। सुबह जब बारिश थमी और नाले में पानी का स्तर कुछ कम हुआ, तब ग्रामीणों और परिजनों ने मरीज को अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और बरसात के दौरान आवागमन की समस्या को सामने ला दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि चर्रा कच्छारपारा और आसपास के इलाके में डुमर नाले पर पुल या मजबूत पुलिया का निर्माण लंबे समय से जरूरी है। बताया जा रहा है कि करीब 30 वर्षों से ग्रामीण इस स्थान पर पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। बारिश के मौसम में नाला उफान पर आने के बाद गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है और मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों तथा अन्य जरूरतमंद लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में किसी तरह आवागमन हो जाता है, लेकिन तेज बारिश के दौरान डुमर नाला पार करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। खासतौर पर स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है। मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना जरूरी होता है, लेकिन रास्ता बाधित होने की स्थिति में ग्रामीणों के सामने सीमित विकल्प रह जाते हैं। गोपेश पटेल को खाट पर बैठाकर नाला पार कराने की घटना इसी समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से डुमर नाले पर तत्काल पुलिया या पुल निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांग पर स्थायी समाधान होने से बारिश के दौरान आवागमन सुगम हो सकेगा और आपात स्थिति में मरीजों को समय पर स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों ने क्षेत्र की भौगोलिक और बरसाती परिस्थितियों को देखते हुए जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग उठाई है।