केशकाल में किसानों के समर्थन में आम आदमी पार्टी का चक्का जाम, 28 फरवरी तक धान खरीदी की मांग
केशकाल में आम आदमी पार्टी ने किसानों की मांगों को लेकर चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन किया। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने चेतावनी दी कि यदि 28 फरवरी 2026 तक धान खरीदी नहीं बढ़ाई गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | केशकाल किसानों की विभिन्न समस्याओं और धान खरीदी व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में आम आदमी पार्टी द्वारा केशकाल में विशाल धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम किया गया। यह आंदोलन जिला अध्यक्ष सुकू राम नाग के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में किसान एवं पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष देवलाल नरेटी ने कहा कि यदि 28 फरवरी 2026 तक प्रदेश में धान खरीदी की तिथि नहीं बढ़ाई गई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान लगातार परेशान हैं और उन्हें अपनी पूरी फसल बेचने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
आप नेताओं ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ करने की घोषणा की थी, लेकिन कई स्थानों पर खरीदी 17, 18 और कहीं-कहीं 25 नवंबर से शुरू हुई। अब 31 जनवरी को खरीदी बंद की जा रही है, जबकि किसानों को पहले 31 जनवरी तक खरीदी का भरोसा दिया गया था। इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताया गया।
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत छोटे किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराया जा रहा है। आज भी अनेक किसानों को न ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन टोकन मिल पाया है। छोटे किसानों को एक, मध्यम किसानों को दो और बड़े किसानों को तीन टोकन दिए गए, इसके बावजूद किसान अपनी पूरी फसल बेचने में असमर्थ हैं। प्रतिदिन की खरीदी सीमा कम होने से किसान घंटों कतार में खड़े रहने को मजबूर हैं।
नेताओं ने भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पटवारी, आरआई और तहसीलदार किसानों के घर जाकर धान की जांच कर रहे हैं, जिससे किसानों का अपमान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीज, खाद और उर्वरक की समस्या के बाद अब एग्रीस्टेक की खामियों के नाम पर लाखों किसानों का रकबा पहले ही काट दिया गया है।
आम आदमी पार्टी का दावा है कि प्रदेश में लगभग 15 प्रतिशत किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। खेती के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने का रास्ता न होने से किसान गंभीर संकट में हैं, जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है।
पार्टी ने सरकार से मांग की कि किसानों से जबरन रकबा समर्पण कराना तत्काल बंद किया जाए, टोकन के नाम पर भौतिक सत्यापन से किसानों को परेशान न किया जाए, सभी किसानों को पारदर्शी टोकन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए तथा धान खरीदी की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तक बढ़ाई जाए।
इस चक्का जाम में प्रदेश प्रवक्ता सूरज उपाध्याय, संगठन मंत्री तेजेंद्र तोडेकर, सहसंगठन मंत्री समीर खान, प्रदेश यूथ विंग इमरान खान, प्रदेश सचिव अनुषा जोसेफ सहित अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। पार्टी ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।