केशरवानी गुप्ता समाज ने श्रद्धा और उत्साह से मनाई कश्यप जयंती, एकता और संस्कृति से जुड़ाव का दिया संदेश

धमधा में केशरवानी गुप्ता समाज ने अपने आराध्य देव ऋषि कश्यप मुनि की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। समाज के अध्यक्ष संतोष गुप्ता (मुन्ना दाऊ) के निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों समाजजनों ने भाग लिया। आयोजन में वैदिक पूजन, भक्ति गीतों की प्रस्तुति और समाजिक एकता का संदेश दिया गया। प्रमुख अतिथियों ने भी समाज की संगठनात्मक मजबूती और सांस्कृतिक जुड़ाव की आवश्यकता पर बल दिया।

Sep 25, 2025 - 11:05
 0  14
केशरवानी गुप्ता समाज ने श्रद्धा और उत्साह से मनाई कश्यप जयंती, एकता और संस्कृति से जुड़ाव का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. हेमंत पाल, धमधा। नगर केशरवानी गुप्ता समाज द्वारा अपने आराध्य देव ऋषि कश्यप मुनि की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। यह आयोजन समाज के अध्यक्ष संतोष गुप्ता (मुन्ना दाऊ) के निवास पर संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों समाजजनों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया।

हर वर्ष की तरह इस बार भी समाजजनों ने मिलकर ऋषि कश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। समाज की सेवा मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्ति गीतों ने कार्यक्रम को और अधिक भक्तिमय बना दिया।

समाजिक एकता पर बल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष संतोष गुप्ता ने कहा, “समाज की प्रगति तभी संभव है जब हम आपसी भेदभाव भुलाकर एकजुटता के साथ चलें। हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।”

अतिथियों ने दी प्रेरणा

इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव गुप्ता, भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री दिलीप गुप्ता, कांग्रेस नेता संदीप गुप्ता, वरिष्ठ व्यापारी दिनेश गुप्ता समेत अन्य लोग शामिल थे। अतिथियों ने समाज को संगठनात्मक मजबूती और एकजुटता की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा दी।

समाज के सदस्य रहे सक्रिय

कार्यक्रम में राजकुमार गुप्ता, देवेंद्र कालीचरण गुप्ता, शैलेन्द्र गोपी गुप्ता, सुनीता गुप्ता, स्वाति गुप्ता, नीलमणि गौरी गुप्ता, गुंजन गुप्ता सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

कश्यप जयंती का यह आयोजन न केवल समाजिक एकता का प्रतीक बना, बल्कि संस्कृति से जुड़ाव, परंपराओं के संरक्षण और भावी पीढ़ी को प्रेरित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। समाजजनों ने संदेश दिया कि जब समाज साथ चलता है, तभी विकास की राह आसान होती है।