बैठक के दौरान नपाध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि कवर्धा की जनता की सेवा और शहर का समुचित विकास उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर पालिका कार्यालय में आने वाले नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनका त्वरित समाधान किया जाए, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार भटकना न पड़े।
उन्होंने विशेष रूप से हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, निराश्रित पेंशन जैसी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी योग्य हितग्राहियों को इसका लाभ मिले।
नपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश देते हुए कहा कि केवल कार्यालय में बैठकर काम करने से विकास नहीं होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर दिया और स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हो रही शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाए और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान नपाध्यक्ष के तेवर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनसामान्य से शिकायतें कम से कम आएं, इसके लिए सभी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि नगर पालिका का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसमें स्वच्छ पेयजल, शहर की साफ-सफाई, आवास योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य करते हुए जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने अंत में कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं और हमें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ करना चाहिए, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बैठक में नगर पालिका के सभापति, पार्षदगण और सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद यह साफ संकेत मिला कि नगर पालिका अब कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाने के मूड में है।