भाजयुमो ने निकाली मशाल रैली, ‘वंदे मातरम्’ के अपमान का जताया विरोध
कवर्धा में भारतीय जनता युवा मोर्चा ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में मशाल रैली निकाली। अटल परिसर से शुरू हुई रैली सिग्नल चौक तक पहुंची। भाजयुमो जिलाध्यक्ष उमंग पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए राष्ट्रगीत के सम्मान और राष्ट्रीय भावना की रक्षा का संदेश दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) द्वारा रविवार शाम कवर्धा शहर में मशाल रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत के सम्मान और राष्ट्रीय भावना से जुड़े मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के निर्देश तथा भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस मशाल रैली का नेतृत्व भाजयुमो जिलाध्यक्ष उमंग पाण्डेय ने किया। रैली में बड़ी संख्या में भाजयुमो पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महामंत्री और कार्यकर्ता शामिल हुए।
अटल परिसर से सिग्नल चौक तक निकली रैली
मशाल रैली की शुरुआत कवर्धा के अटल परिसर, रेवाबंद तालाब से हुई। हाथों में मशाल लेकर कार्यकर्ता रैली के रूप में आगे बढ़े और सिग्नल चौक पहुंचे। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर विरोध दर्ज कराया।
भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस दौरान “राष्ट्रगीत का अपमान—नहीं सहेगा हिन्दुस्तान” जैसे नारे लगाए गए। आयोजकों ने कहा कि रैली का उद्देश्य राष्ट्रगीत के सम्मान और देशभक्ति की भावना के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
राष्ट्रगीत के सम्मान का मुद्दा उठाया
भाजयुमो जिलाध्यक्ष उमंग पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्रगीत देश की राष्ट्रीय भावना और सम्मान से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्र की भावना से जुड़े विषयों का सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मशाल रैली के माध्यम से भाजयुमो ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है। कार्यकर्ताओं का उद्देश्य राष्ट्रगीत के सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है।
आयोजकों ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण गीत रहा है। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी कथित अपमान को लेकर समाज में चर्चा और विरोध स्वाभाविक है। हालांकि, रैली में लगाए गए आरोपों के संबंध में संबंधित पक्ष का पक्ष इस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हुए शामिल
मशाल रैली में पूर्व पंडरिया विधायक एवं संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, पूर्व विधायक कवर्धा डॉ. सियाराम साहू, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जसविंदर बग्गा, जिला महामंत्री मुकेश ठाकुर और मुकेश अग्रवाल सहित कई भाजपा एवं भाजयुमो पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष अस्वन साहू, अजय ठाकुर, नीतीश चंद्रवंशी, जिला मंत्री सौरभ शर्मा, केशरी चंद सोनी, कवर्धा शहर मंडल अध्यक्ष डोंनेस ठाकुर और ग्रामीण मंडल अध्यक्ष खिलेश बंजारे भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कवर्धा के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, बिहारी धुर्वे, पार्षद सुनील साहू, पिंटू दोसी, राजेन्द्र सलूजा, एल्डरमेन सहित भाजयुमो के विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी रैली में उपस्थित रहे।
राष्ट्र सम्मान और देशभक्ति का संदेश
रैली के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर अपनी बात रखी और देशभक्ति से जुड़े नारों के माध्यम से विरोध दर्ज कराया। आयोजकों के अनुसार, मशाल रैली का उद्देश्य लोगों के बीच राष्ट्रीय भावना को मजबूत करना और राष्ट्रगीत के सम्मान के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
भाजयुमो नेताओं ने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय सम्मान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी संदेश के साथ कार्यकर्ताओं ने रैली में सहभागिता की।
अटल परिसर से शुरू होकर सिग्नल चौक तक पहुंची मशाल रैली के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने रैली में शामिल सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
भाजयुमो ने इस प्रदर्शन को राष्ट्रगीत के सम्मान और देशभक्ति की भावना को लेकर आयोजित विरोध कार्यक्रम बताया। वहीं ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्पष्ट हो सकेगी।