महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, पोषण, आंगनबाड़ी भर्ती और कन्या विवाह योजना पर दिए गए अहम निर्देश

कबीरधाम जिला पंचायत में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय स्थायी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पोषण आहार वितरण, आंगनबाड़ी भर्ती, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, नए आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकता तथा बालगृहों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

Jul 29, 2026 - 15:16
 0  3
महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, पोषण, आंगनबाड़ी भर्ती और कन्या विवाह योजना पर दिए गए अहम निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. जिला पंचायत कबीरधाम के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय स्थायी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रबंधन तथा जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति की सभापति सुमित्रा पटेल ने की। इस दौरान राजेश्वरी घृतलहरे, पूर्णिमा साहू और ललिता धुर्वे सहित समिति के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार तिवारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी चंचल यादव, सभी परियोजना अधिकारी तथा विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

बैठक में सबसे पहले गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं तथा गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को वितरित किए जाने वाले रेडी-टू-ईट पोषण आहार की परियोजनावार समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले में कुपोषण की दर को प्रभावी ढंग से कम किया जा सके। समिति ने कहा कि पोषण संबंधी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब लाभ समय पर प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे।

आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन की समीक्षा के दौरान रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों पर विशेष चर्चा हुई। समिति ने सुझाव दिया कि सभी रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि केंद्रों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए और बच्चों एवं महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 की प्रगति, उपलब्ध बजट और व्यय की भी विस्तार से समीक्षा की गई। समिति ने अधिकारियों से कहा कि आगामी सामूहिक विवाह कार्यक्रमों की तैयारी समय से पूरी की जाए तथा पात्र और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को बिना किसी विलंब के योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। समिति ने योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए लाभार्थियों की पहचान और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाने पर भी बल दिया।

बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान स्वीकृत नए आंगनबाड़ी भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। साथ ही जिले के दूरस्थ, वनांचल और जनसंख्या वृद्धि वाले क्षेत्रों में नए आंगनबाड़ी केंद्रों की आवश्यकता पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसंख्या मानकों के अनुरूप पात्र ग्रामों की सूची तैयार कर नए केंद्रों के प्रस्ताव शीघ्र राज्य शासन को भेजे जाएं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों और महिलाओं को आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ मिल सके।

समीक्षा बैठक में जिले के बालगृहों और आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का भी मूल्यांकन किया गया। समिति ने वहां निवासरत बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण संबंधी सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी बालगृहों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा सुरक्षा मानकों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। समिति ने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े संस्थानों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के समापन पर सभापति सुमित्रा पटेल ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना विभाग की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य करने का आग्रह करते हुए कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ही महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद परिवारों का जीवन स्तर बेहतर बनाया जा सकता है। समिति ने विभागीय अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शी कार्यप्रणाली और बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने के निर्देश दिए।