महापौर मीनल चौबे ने जोन 5, 6 और 7 की समीक्षा की, जलभराव और पेयजल समस्या के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने जोन 5, 6 और 7 में समीक्षा बैठक लेकर पेयजल, जलभराव, स्वच्छता, अवैध निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को जल निकासी, पाइपलाइन विस्तार, सफाई अभियान और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

Jul 29, 2026 - 15:08
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महापौर मीनल चौबे ने जोन 5, 6 और 7 की समीक्षा की, जलभराव और पेयजल समस्या के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर मीनल चौबे ने शहर के जोन क्रमांक 5, 6 और 7 में पहुंचकर वार्ड पार्षदों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई के लिए सख्त निर्देश दिए गए। महापौर ने स्पष्ट किया कि शहर में जलभराव और पेयजल समस्या का समाधान नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए नागरिकों को राहत प्रदान करें।

बैठक के दौरान पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में नियमित रूप से पेयजल संकट की स्थिति बनती है, वहां नई पाइपलाइन बिछाने और पाइपलाइन विस्तार के प्रस्ताव तत्काल तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए अभी से आवश्यक कार्य शुरू किए जाएं ताकि नागरिकों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके।

महापौर ने परशुराम नगर की कई वर्षों से लंबित पेयजल समस्या का स्थायी समाधान नई पाइपलाइन के माध्यम से करने, भैरव नगर में वैकल्पिक जलापूर्ति तत्काल शुरू करने, टैगोर नगर की बस्तियों में पाइपलाइन विस्तार करने तथा चंगोराभाठा क्षेत्र में चल रहे पाइपलाइन विस्तार कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

जलभराव की समस्या पर विशेष चिंता व्यक्त करते हुए महापौर ने कहा कि जिन स्थानों पर हर वर्ष जलभराव होता है, वहां जियो टैगिंग के माध्यम से सर्वे कराया जाए और स्थायी समाधान के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने अवैध पाटों और जल निकासी में बाधा बनने वाले अतिक्रमणों को हटाने, नई नालियों का निर्माण कराने, सहायक नालों की अंतिम छोर तक सफाई कराने तथा सभी चिन्हित क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। कुशालपुर क्षेत्र की जलभराव समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रस्तावित एसटीपी निर्माण की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।

स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए महापौर ने रामकी कंपनी को सभी वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नियमित और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक वार्ड में नियमित सफाई सुनिश्चित करने और डीडी नगर क्षेत्र में लंबे समय से बंद पड़ी सेप्टिक टैंक सक्शन मशीन के माध्यम से सफाई व्यवस्था तत्काल पुनः प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।

टाउन प्लानिंग विभाग की समीक्षा के दौरान महापौर ने कहा कि 5000 वर्गफुट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों और कॉलोनियों का निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुरूप है या नहीं, इसकी अनिवार्य रूप से स्थल जांच की जाए। सभी अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बड़े प्रकरणों में जोन स्तर पर पूर्णता प्रमाण पत्र जारी न किए जाएं और उन्हें सक्षम प्राधिकारी के समक्ष नियमानुसार प्रस्तुत किया जाए।

महापौर ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन मामलों में तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं, वहां बिना विलंब कार्रवाई की जाए। मुख्य मार्गों पर बने अवैध निर्माण, पार्किंग स्थलों पर अतिक्रमण तथा संकरी सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों को प्राथमिकता के साथ हटाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण पाया जाता है तो संबंधित उप अभियंता और अभियंता की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में प्रत्येक वार्ड के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। महापौर ने जोन 5 के प्रत्येक वार्ड के लिए चार-चार लाख रुपये लागत के विकास कार्यों के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने तथा सभी पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में उपयुक्त स्थान चिन्हित कर वेंडिंग जोन विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

महापौर ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और प्रत्येक कार्य की नियमित समीक्षा कर उसकी प्रगति सुनिश्चित की जाए।