“बने खाबो, बने रहिबो 2.0” अभियान के तहत खाद्य प्रतिष्ठानों पर सख्ती, बिना लाइसेंस परिसर सील और 21 पेटी बिना लेबल सोनपापड़ी जब्त
रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” सात दिवसीय विशेष अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने प्रदेशभर में मिठाई दुकानों, डेयरी, होटल, बेकरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की। दो दिनों में मिठाई, पनीर, घी, खोवा सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। दुर्ग में बिना लाइसेंस परिसर सील किया गया, बिलासपुर में लाइसेंस निलंबित कर खराब मिठाई नष्ट कराई गई तथा सरगुजा में बिना लेबल की 21 पेटी सोनपापड़ी जब्त की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा और मिलावट के खिलाफ “बने खाबो, बने रहिबो 2.0” सात दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने विगत दो दिनों में प्रदेशभर में मिठाई दुकानों, होटल, डेयरी, बेकरी, कन्फेक्शनरी सहित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाई, पनीर, घी, खोवा, लड्डू, पेड़ा, बर्फी, कलाकंद, रसगुल्ला, कन्फेक्शनरी सहित अन्य खाद्य पदार्थों के विधिक एवं निगरानी नमूने लिए गए और गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए।
अभियान के दौरान दुर्ग जिले के बैकुंठ धाम पावर हाउस स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट में खाद्य अनुज्ञप्ति अथवा पंजीयन नहीं पाए जाने पर परिसर को सील करने की कार्रवाई की गई। यहां से मैसूर पाक और बेसन बर्फी के नमूने भी लिए गए। दुर्ग के इंदिरा मार्केट क्षेत्र में डेयरी और मिठाई दुकानों का निरीक्षण कर घी का नमूना लिया गया।
बिलासपुर में श्रीराम स्वीट्स में अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों का निर्माण पाए जाने पर लाइसेंस निलंबित कर प्रतिष्ठान बंद कराया गया। कार्रवाई के दौरान लगभग 15 किलो बर्फी नष्ट कराई गई। बलौदाबाजार में लगभग 5 किलो अवमानक चिकन उत्पाद और 10 किलो खराब बूंदी को नष्ट कराया गया। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में बासी होने की आशंका के चलते लगभग 1 किलो चमचम नष्ट कराई गई।
सरगुजा जिले में आवश्यक लेबल संबंधी जानकारी के बिना रखी गई 21 पेटी सोनपापड़ी जब्त की गई। वहीं कोंडागांव में पनीर और मिठाइयों के चार विधिक नमूने लिए गए। नारायणपुर में सोनपापड़ी एवं नमकीन के नमूने लिए गए, जबकि कोरबा के कटघोरा क्षेत्र में दो डेयरियों से पनीर के विधिक नमूने संकलित किए गए।
सूरजपुर में डेयरियों में पनीर की गुणवत्ता जांच के लिए आयोडीन परीक्षण किया गया। जांचे गए नमूनों में स्टार्च की मौजूदगी नहीं पाई गई। सुकमा में मिठाइयों के स्रोत, एनालॉग पनीर, स्किम्ड मिल्क पाउडर एवं वनस्पति तेल से तैयार मिठाइयों की जांच की गई, जहां संदिग्ध उत्पाद नहीं मिले। रायपुर सहित विभिन्न जिलों के थोक बाजारों से घी, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए गए।
अभियान के तहत कांकेर, कबीरधाम, बस्तर, राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, धमतरी, बलरामपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण और नमूना कार्रवाई की गई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने कारोबारियों को अखाद्य या प्रतिबंधित रंगों का उपयोग नहीं करने, खाद्य पदार्थों को अखबारी कागज में नहीं परोसने, मिठाइयों पर आवश्यक लेबल और निर्माण तिथि अंकित करने तथा खाद्य सामग्री को ढककर रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और खाद्य अनुज्ञप्ति या पंजीयन को अद्यतन रखने के लिए भी कहा गया।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां खाद्य कारोबारियों को आवश्यक निर्देश और सुधार सूचना दी जा रही है। वहीं गंभीर अनियमितता मिलने पर प्रतिष्ठान सील करने, लाइसेंस निलंबित करने, खाद्य सामग्री जब्त करने और खराब या अवमानक खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने जैसी कार्रवाई जारी रहेगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि रक्षाबंधन के अवसर पर मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय प्रतिष्ठान की स्वच्छता, उत्पाद का लेबल और निर्माण तिथि अवश्य जांचें। उपभोक्ताओं को संदिग्ध, खराब या बिना लेबल वाले खाद्य पदार्थों की खरीद से बचने की सलाह दी गई है, ताकि त्योहार के दौरान सुरक्षित भोजन और स्वस्थ परिवार का संकल्प मजबूत हो सके।