बारिश और बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने जारी की सावधानी और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी

धमतरी जिले में लगातार बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नागरिकों से नदी-नालों और पुराने पुल-पुलियों को पार करते समय सतर्क रहने, कंट्रोल रूम को सूचना देने तथा आपदा से बचाव के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

Jul 29, 2026 - 15:05
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बारिश और बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, कलेक्टर ने जारी की सावधानी और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश और कैचमेंट क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाएगा, वहीं आम नागरिकों से भी सतर्कता बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

कलेक्टर ने जिलेवासियों से विशेष रूप से आग्रह किया है कि बारिश के दौरान नदी-नालों, पुराने पुल-पुलियों और जलमग्न मार्गों को पार करने का जोखिम न उठाएं। उन्होंने बताया कि किसी भी आपदा या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला स्तरीय बाढ़ कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07722-232249 पर दी जा सकती है। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय है और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, चालू मानसून सत्र में 1 जून से 29 जुलाई तक जिले में औसतन 559 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की आशंका बनी हुई है। ऐसे में नागरिकों को पहले से तैयार रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है।

कलेक्टर ने लोगों से कहा है कि वे अपने गांव या शहर में बाढ़ संभावित क्षेत्रों और पिछले वर्षों के अधिकतम जलस्तर की जानकारी रखें। साथ ही महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और बहुमूल्य सामान सुरक्षित स्थान पर रखें। आपातकालीन स्थिति के लिए एक राहत किट तैयार रखने की भी सलाह दी गई है, जिसमें सूखा भोजन, पीने का पानी, आवश्यक दवाइयां, टॉर्च, रेडियो, माचिस, रस्सी और जरूरी दस्तावेज शामिल हों।

प्रशासन ने पशुपालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। यदि बाढ़ की संभावना हो तो पालतू पशुओं को पहले से सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचा दें। यदि जलस्तर तेजी से बढ़ रहा हो और उन्हें सुरक्षित स्थान तक ले जाना संभव न हो, तो उन्हें खुला छोड़ने की सलाह दी गई है ताकि वे स्वयं सुरक्षित स्थान की ओर जा सकें।

बाढ़ की चेतावनी मिलने पर नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने, पड़ोसियों को भी सूचना देने और घर छोड़ने से पहले बिजली का मुख्य स्विच, गैस और पानी की सप्लाई बंद करने को कहा गया है। प्रशासन ने पुलिस, दमकल और राहत दलों के निर्देशों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सभी विभाग नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं।

स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों पर भी विशेष जोर दिया गया है। लोगों को केवल उबला हुआ या क्लोरीन युक्त पानी पीने की सलाह दी गई है। बाढ़ के पानी के संपर्क में आए खाद्य पदार्थों का उपयोग न करने, सांप और अन्य विषैले जीवों से सतर्क रहने तथा आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील भी की गई है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और बच्चों को जलभराव या नदी-नालों के पास खेलने न दें। बिजली के ऐसे उपकरणों का उपयोग न करें जो पानी के संपर्क में आए हों। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में राशन उपलब्ध है और पात्र हितग्राही नियमानुसार खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं।

समय-सीमा की बैठक के दौरान कलेक्टर ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नगरी और मगरलोड विकासखंड के कई ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं तथा कई स्थानों पर बच्चों को जोखिम उठाकर स्कूल जाना पड़ रहा था। स्थिति को देखते हुए जिला शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को आवश्यकता के अनुसार स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।