बारिश से बड़े गोबरा समेत कई गांवों का संपर्क टूटा, उफनती नदियों ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें

गरियाबंद जिले में लगातार हो रही बारिश से बड़े गोबरा, सिहार, पायलीखंड और धवलपुर-जरंडीही मार्ग का संपर्क टूट गया है। उफनती नदियों के कारण कई गांव टापू बन गए हैं। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित पुल निर्माण की मांग दोहराते हुए प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।

Jul 29, 2026 - 15:01
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बारिश से बड़े गोबरा समेत कई गांवों का संपर्क टूटा, उफनती नदियों ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें

UNITED NEWS OF ASIA. राधे पटेल, गरियाबंद l गरियाबंद जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के अति संवेदनशील क्षेत्र बड़े गोबरा सहित कई गांवों का संपर्क बाहरी दुनिया से पूरी तरह टूट गया है। क्षेत्र से होकर बहने वाली नदी में जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण बड़े गोबरा गांव चारों ओर से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो गया है। नदी उफान पर होने के कारण ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है और लोगों को रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस क्षेत्र में स्थायी पुल निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो सकी है। हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, जब नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इस बार भी पुल नहीं होने के कारण लोग अपने घरों में सीमित होकर रह गए हैं और किसी भी प्रकार का आवागमन संभव नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए या कोई अन्य आपातकालीन स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो स्वास्थ्य सेवाएं गांव तक पहुंच पाना बेहद मुश्किल होगा। ऐसी परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पुल निर्माण कार्य शुरू कराने तथा बरसात के दौरान सुरक्षित आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

लगातार बारिश का असर केवल बड़े गोबरा गांव तक सीमित नहीं है। ग्राम जांगड़ा के हीरा खदान क्षेत्र तक पहुंचने वाले पायलीखंड मार्ग में भी नदी उफान पर बह रही है। स्थिति का जायजा लेने के लिए मैनपुर तहसीलदार सुशील कुमार भोई अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का निरीक्षण किया। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी लगातार की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मैनपुर विकासखंड के अति पिछड़े कमार जनजाति बहुल क्षेत्र भी इस बारिश से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। सिहार गांव का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है, जिससे ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं धवलपुर से जरंडीही जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी नदी पूरे उफान पर है, जिसके कारण इस मार्ग से लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है।

प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने की अपील की है। साथ ही उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करने की सलाह भी दी गई है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाएगा।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी पुल निर्माण की मांग पर गंभीरता से विचार करेगा, ताकि हर वर्ष बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके और गांवों का संपर्क सामान्य बना रहे।