कबीरधाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर, स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ गांवों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। जिले को प्लास्टिक मुक्त बनाने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के उपयोग, स्वच्छता परिसंपत्तियों के रखरखाव और जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।

Jul 24, 2026 - 17:46
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कबीरधाम को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर, स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। जिला प्रशासन द्वारा ग्राम स्तर तक स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को गति देने के साथ-साथ जनभागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कलेक्टर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और राज्य शासन के निर्देशानुसार जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायतों से लेकर ग्रामीण समुदाय तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोग स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें और अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक घर में निर्मित व्यक्तिगत शौचालयों का नियमित उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या बढ़ने के कारण नए शौचालय की आवश्यकता है, वहां पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें व्यक्तिगत शौचालय की स्वीकृति प्रदान की जाए। इसके साथ ही सामुदायिक शौचालयों का नियमित उपयोग, समय-समय पर उनकी मरम्मत और आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत निर्मित सेग्रिगेशन शेड, नाडेप, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट, फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा गोबर गैस प्लांट जैसी परिसंपत्तियों का नियमित संचालन और रखरखाव ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग और समय पर मरम्मत ही स्वच्छता अभियान को स्थायी सफलता दिला सकती है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत विभागीय अमले और स्वच्छाग्रहियों के माध्यम से लगातार जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। जनपद पंचायतों में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर सरपंचों और सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवहार परिवर्तन स्वच्छ भारत मिशन की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण आधार है और लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही स्वच्छता का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, सचिवों और स्वच्छाग्रहियों से स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी और जीवनशैली का हिस्सा होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक कचरे को खुले में नहीं फेंकने, उसे अलग एकत्रित कर निर्धारित अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तक पहुंचाने का आग्रह किया।

कलेक्टर ने कहा कि ग्रामों के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन का लक्ष्य है। जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रशासन और आम नागरिकों की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से कबीरधाम स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनकर उभरेगा।