कबीरधाम में राजस्व पखवाड़ा शिविर से मिल रही राहत, 446 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण
कबीरधाम जिले में आयोजित राजस्व पखवाड़ा शिविरों के माध्यम से अब तक 527 में से 446 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शिविरों में नागरिकों को मौके पर ही राजस्व संबंधी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में आम नागरिकों की राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए आयोजित किए जा रहे ‘राजस्व पखवाड़ा’ शिविर लोगों के लिए काफी राहतकारी साबित हो रहे हैं। गांव-गांव और तहसील स्तर पर लगाए जा रहे इन शिविरों के माध्यम से लोगों को उनके क्षेत्र में ही सुविधाजनक सेवाएं मिल रही हैं और आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है।
इसी क्रम में 09 अप्रैल 2026 को तहसील कार्यालय कवर्धा में राजस्व पखवाड़ा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने मौके पर ही आवेदनों का निराकरण करते हुए लोगों को राहत प्रदान की।
जिले में 01 अप्रैल से राजस्व पखवाड़ा का आयोजन ग्राम पंचायत मुख्यालय, तहसील और नगर पंचायत स्तर पर लगातार किया जा रहा है। अब तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 527 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 446 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा चुका है। शेष 131 आवेदनों पर जांच प्रक्रिया जारी है और जल्द ही उनका भी समाधान किया जाएगा।
प्राप्त आवेदनों में विभिन्न प्रकार के राजस्व प्रकरण शामिल हैं। इनमें नामांतरण के 35, बंटवारा के 39, सीमांकन के 12, त्रुटि सुधार के 16, ऋण पुस्तिका से संबंधित 47, नक्शा बटांकन के 58, अतिक्रमण के 3, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र के 110, नकल से संबंधित 1 और अन्य प्रकार के 256 आवेदन शामिल हैं।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि राजस्व पखवाड़ा शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं प्रदान करना है। इन शिविरों में विवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, ऋण पुस्तिका वितरण, नक्शा अद्यतन, बटांकन, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, डिजिटल हस्ताक्षर, आधार और मोबाइल नंबर संकलन, अभिलेख शुद्धता, त्रुटि सुधार और स्वामित्व योजना से संबंधित कार्यों का निराकरण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिविरों में अधिकारियों द्वारा मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, जिससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। यह पहल प्रशासन की जनहितकारी सोच को दर्शाती है और ग्रामीणों के बीच विश्वास भी बढ़ा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा आगामी 15 अप्रैल को धमकी और दशरंगपुर में भी राजस्व पखवाड़ा शिविर आयोजित करने की जानकारी दी गई है। इन शिविरों में भी क्षेत्र के नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंच सकते हैं और मौके पर ही समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी राजस्व संबंधी समस्याओं का समय पर निराकरण सुनिश्चित करें।