कबीरधाम में अब तक 306.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज, कुकदूर और पिपरिया में सबसे अधिक बारिश

कबीरधाम जिले में 1 जून से 28 जुलाई 2026 तक 306.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। कुकदूर तहसील में सबसे अधिक 468.1 मिमी और पिपरिया में 424.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन 21.4 मिमी बारिश हुई है, जिससे कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ा है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Jul 29, 2026 - 15:26
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कबीरधाम में अब तक 306.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज, कुकदूर और पिपरिया में सबसे अधिक बारिश

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। कबीरधाम जिले में मानसून सक्रिय बना हुआ है और लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 28 जुलाई 2026 तक जिले में औसतन 306.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। अलग-अलग तहसीलों में वर्षा की मात्रा में अंतर देखने को मिला है, जहां कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तो कुछ स्थानों पर अपेक्षाकृत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

जारी आंकड़ों के अनुसार कुकदूर तहसील जिले में सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र रहा, जहां अब तक 468.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद पिपरिया तहसील में 424.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। कवर्धा तहसील में 314.3 मिलीमीटर, बोड़ला तहसील में 278.7 मिलीमीटर, पंडरिया तहसील में 265.6 मिलीमीटर, रेंगाखार तहसील में 259.0 मिलीमीटर तथा कुण्डा तहसील में 210.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सहसपुर लोहारा तहसील में भी वर्षा दर्ज की गई, जहां उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 24.6 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

पिछले 24 घंटे के दौरान भी जिले में अच्छी बारिश हुई। इस अवधि में जिले में औसतन 21.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार कवर्धा में 12.1 मिलीमीटर, पंडरिया में 32.0 मिलीमीटर, बोड़ला में 8.6 मिलीमीटर, सहसपुर लोहारा में 24.6 मिलीमीटर, रेंगाखार में 12.0 मिलीमीटर, कुण्डा में 17.3 मिलीमीटर, पिपरिया में 8.7 मिलीमीटर तथा कुकदूर में सर्वाधिक 56.1 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

लगातार हो रही बारिश का असर जिले के नदी-नालों, जलाशयों और प्राकृतिक जल स्रोतों पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर जलस्तर बढ़ने से खेतों को पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे खरीफ फसलों के लिए यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है। धान सहित अन्य फसलों की बुवाई कर चुके किसानों को इस वर्षा से राहत मिली है और कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

हालांकि लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों और कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है और संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी जिले में वर्षा की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से नदी-नालों के उफान के दौरान उन्हें पार नहीं करने, मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान सभी संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। किसानों, आम नागरिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। लगातार हो रही वर्षा से जिले में जल संसाधनों को भी लाभ मिल रहा है, जिससे आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना है।